PM Modi meets Grand Mufti: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार से मुलाकात की. पीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत हुई. यह बैठक राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है. मोदी और भारत के ग्रैंड मुफ्ती कहे जाने वाले मुसलियार के बीच हुई उच्च स्तरीय मुलाकात को भारतीय जनता पार्टी समर्थक सोशल मीडिया खातों से भी सराहना मिली.
पीएम मोदी ने मुसलियार के सामाजिक सद्भाव, भाईचारा बढ़ाने और शिक्षा में सुधार के लिए उनके प्रयास की काफी सराहना की. मुसलियार को भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के नाम से भी जाना जाता है. उनका केरल सहित देश के मुस्लिम समाज में गहरा प्रभाव है. वह एक अत्यंत सम्मानित मुस्लिम विद्वान माने जाते हैं. उनका जन्म केरल के कोझिकोड में हुआ था. वह ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के महासचिव भी हैं.
इस मुलाकात के बाद भारतीय जनता पार्टी की नेता पद्मजा वेणुगोपाल ने सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री मोदी और मुसलियार की एक तस्वीर साझा की, जिसमें मोदी मुसलियार का हाथ थामे हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, ‘यह तस्वीर कितनी खूबसूरत है.’
उन्होंने आगे कहा कि यह फोटो स्नेह, प्रेम और अपनत्व की भावना को दर्शाती है. पद्मजा वेणुगोपाल के अनुसार, केरल में वाम मोर्चा और कांग्रेस द्वारा भाजपा के खिलाफ फैलाए गए दुष्प्रचार और भ्रामक विमर्श को अब लोग समझने लगे हैं और राज्य में बदलाव की बयार दिखने लगी है.
मुसलियार के ऑफिस का बयान
मुसलियार के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री और मुस्लिम धर्मगुरु के बीच सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई. इसके अलावा अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़े अहम विषयों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रमुख घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बयान के मुताबिक, शेख अबूबकर अहमद ने प्रधानमंत्री का ध्यान हाल ही में ‘मानवता के साथ’ विषय पर की गई अपनी केरल यात्रा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से मिली चिंताओं और सुझावों की ओर आकर्षित किया. साथ ही उन्होंने रमजान के पवित्र महीने को लेकर अपने संदेश और विचार भी साझा किए.
मुसलियार के कार्यालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने समस्त केरल जमीयतुल उलमा और जामिया मरकज के नेतृत्व में चलाई जा रही शैक्षिक और सामाजिक कल्याणकारी पहलों की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को भी मजबूत करते हैं.
अहमद के नोटेबल वर्क और यह मुलाकात अहम क्यों?
अहमद को राष्ट्रीय स्तर पर तब खास पहचान मिली, जब उन्होंने 2019 में भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए राम जन्मभूमि फैसले का स्वागत किया और मुसलमानों से उस फैसले का सम्मान करने की अपील की. उन्होंने यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी रोकने में अहम भूमिका निभाई. निमिषा प्रिया पर वर्ष 2017 में तलाल महदी की हत्या का आरोप लगा था. अंतिम समय में उन्होंने यमन के उन धर्मगुरुओं से संपर्क कर हस्तक्षेप किया, जो तलाल महदी के परिवार के संपर्क में थे. इसके अलावा, अबूबकर अहमद ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध भी किया था. इस मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात कर कानून में संशोधन की मांग रखी थी. केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री और अबूबकर अहमद के बीच हुई यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
एएनआई के इनपुट के साथ.
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