गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक केस: केंद्र सरकार को भेजी गई SIT रिपोर्ट, असम CM हिमंता बोले- सभी सबूत दिए

Gaurav Gogoi’s Pakistan Links Case: असम के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से कथित संबंधों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की जांच अब केंद्र सरकार करेगी. असम सरकार की रिपोर्ट सेंटर के साथ साझा कर दी गई है.

Gaurav Gogoi’s Pakistan Links Case: असम कांग्रेस के नेता और जोरहाट लोकसभा सीट से सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों में नया अपडेट आया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों की जांच से जुड़े सभी सबूतों के साथ यह मामला अब केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है. मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, ‘हमने इस मामले को सभी प्रमाणों के साथ केंद्र सरकार को सौंप दिया है और अब इसकी जांच केंद्र सरकार करेगी.’

यह बयान असम की राजनीति में चल रहे विवाद के बीच आया है. मुख्यमंत्री सरमा लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के ‘पाकिस्तान से संबंध’ हैं. सरमा का दावा है कि दोनों भारत के विकास को कमजोर करने की साजिश में शामिल थे. इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के साथ संपर्क बनाए रखा.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से कथित संबंधों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की जांच एक केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी जाएगी. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आज भारत को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान और उसके प्रॉक्सी खिलाड़ियों द्वारा रचे गए वैश्विक गठजोड़ को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. मैंने भारत की जनता के सामने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा रची गई गहरी साजिश को रखा है, जिसके तहत एलिजाबेथ कोलबर्न (गौरव गोगोई की पत्नी) नामक एजेंट को भारत के विकास का अध्ययन करने और पर्यावरणीय सक्रियता के जरिए उसे पटरी से उतारने के तरीके खोजने के लिए लगाया गया.’

इससे पहले सीएम सरमा ने कहा था कि उन्होंने असम कांग्रेस के पाकिस्तान संपर्क के विषय में जितना कानून अनुमति देता है, उतना ही खुलासा किया है. इस विषय पर और तथ्य हैं, जिन्हें सरकार केंद्रीय जाँच एजेंसी के साथ साझा करेगी. 

मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस नेटवर्क में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई. सरमा के अनुसार, गौरव गोगोई ने कथित तौर पर संवेदनशील संसदीय जानकारियां उपलब्ध कराकर, पाकिस्तान की कथित गुप्त यात्राएं करके और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों के बहाने पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क बनाए रखकर इन गतिविधियों को सुविधाजनक बनाया.

‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा गया, ‘संदिग्ध रोजगार अनुबंधों, छिपे हुए फंडिंग पैटर्न, संदिग्ध यात्रा गतिविधियों और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों का एक जाल चलाया गया. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम से एक कांग्रेस सांसद, जो एक पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र भी हैं, इस पूरे नेटवर्क में प्रमुख भूमिका में थे और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन गतिविधियों को बढ़ावा देते रहे.’

क्या है गोगोई दंपती के पाकिस्तान से संबंध का मामला?

यह मामला कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के कथित पाकिस्तान संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है. आरोपों के अनुसार, गौरव गोगोई की ब्रिटिश नागरिक पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का पाकिस्तान से, खासकर वहां की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से किसी तरह का संपर्क रहा है. दावा किया गया कि वह इस्लामाबाद में काम कर रही थीं और उस दौरान पाकिस्तान के योजना आयोग के पूर्व सलाहकार तौकीर शेख के साथ पेशेवर रूप से जुड़ी थीं.

इन आरोपों की जांच के लिए पिछले साल असम सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर राज्य में एक मामला दर्ज किया गया. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री की अगुवाई वाली कैबिनेट ने यह राय बनाई कि मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 फरवरी को इस पूरे प्रकरण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि 44 पन्नों की SIT रिपोर्ट में ऐसे संकेत हैं, जिनसे यह आशंका पैदा होती है कि एलिजाबेथ कोलबर्न ने तौकीर शेख के साथ कुछ गोपनीय जानकारियां साझा कीं. सरमा का दावा था कि जांच में यह बात सामने आई है कि सांसद की पत्नी को पाकिस्तान से मैनेज किया जा रहा था. उन्होंने पाकिस्तान की एक कंपनी ‘लीड पाकिस्तान’ से वेतन या भुगतान से जुड़े लेन-देन का भी जिक्र किया.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एलिजाबेथ इससे पहले अमेरिका के पूर्व सीनेटर टॉम उडाल और परोपकारी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस से जुड़े संगठनों के साथ काम कर चुकी हैं. सरमा के अनुसार, वह पाकिस्तान यात्रा के दौरान कम प्रोफाइल बनाए रखने के लिए अटारी सीमा मार्ग का इस्तेमाल करती थीं. उनका दावा था कि शादी के बाद उन्होंने नौ बार पाकिस्तान की यात्रा की.

सरमा ने यह आरोप भी लगाया कि गोगोई परिवार के कुछ सदस्यों ने समय-समय पर उस पाकिस्तानी कंपनी को सुझाव और इनपुट दिए. साथ ही उन्होंने 2013 की पाकिस्तान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआत में गोगोई दंपती को केवल लाहौर जाने की अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में इस्लामाबाद और कराची जाने की इजाजत भी दे दी गई. इस पर मुख्यमंत्री ने गोगोई से सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा.

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि 2022 में गौरव गोगोई ने अपने नाबालिग बेटे का भारतीय पासपोर्ट दिल्ली स्थित पासपोर्ट कार्यालय में जमा कराया, ताकि उसे ब्रिटिश नागरिकता मिल सके. उन्होंने कहा कि भारतीय पासपोर्ट में बच्चे का धर्म हिंदू दर्ज था, जबकि ब्रिटिश पासपोर्ट में धर्म का कॉलम खाली छोड़ा गया. इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट किया.

रिपोर्ट को लेकर अन्य दावे

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तौकीर शेख 13 बार भारत आए थे. उन्होंने दोहराया कि गोगोई की पत्नी को पाकिस्तान से भुगतान मिलता रहा. मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि तत्कालीन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी ही यह स्पष्ट कर सकते हैं कि दिल्ली की मंजूरी के बिना गोगोई की पाकिस्तान यात्राएं कैसे संभव हुईं.

गौरव गोगोई की प्रतिक्रिया

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई ने एक ऑनलाइन पोस्ट में मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को सुपर फ्लॉप करार दिया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री ने खुद को राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी की स्थिति में डाल दिया है. गोगोई ने आरोपों को लेकर अभी तक विस्तृत जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री को झूठा बताते हुए कहा कि SIT रिपोर्ट से साफ है कि सरकार घबराहट में है और इसी वजह से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं.

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