मत भूलिए कि इंदिरा गांधी ने… सचिन पायलट ने दिया जवाब; BJP-CPM का आरोप कांग्रेस-जमात गठबंधन में

Kerala Congress: केरल चुनाव में कांग्रस को भाजपा और सीपीएम के हमलों का सामना करना पड़ रहा है. दोनों ने कांग्रेस पर जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन का आरोप लगाया है. इसके जवाब में पार्टी के नेता केरल के पर्यवेक्षक सचिन पायलट ने इंदिरा गांधी की विरासत का हवाला दिया.

Kerala Congress: साल 2026 भारत में कुल 5 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. इनमें से एक केरल भी है. सत्ता में बदलाव की उम्मीद लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. केरल में जमात-ए-इस्लामी के साथ कथित चुनावी समझौते को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस पर हमले कर रही हैं. इन हमलों का सामना कर रही कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने कहा कि उनकी पार्टी को राष्ट्रवाद पर किसी के उपदेश की जरूरत नहीं है. उन्होंने इन दलों को 1971 में पाकिस्तान के विभाजन में इंदिरा गांधी की भूमिका की याद दिलाई. पायलट केरल के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं जहां कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं.

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है. भारत का संविधान वह पवित्र दस्तावेज है जिसमें वह (कांग्रेस) विश्वास करती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि हर धर्म और हर समुदाय को समान अधिकार हैं, कोई पक्षपात नहीं है और कांग्रेस ने हमेशा विकास और काम के नाम पर वोट मांगे हैं. 

वह सत्तारूढ़ एलडीएफ और भाजपा के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन है. इन दलों का दावा है कि जमात-ए-इस्लामी धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन नहीं करती, खासकर हाल ही में जमात नेतृत्व द्वारा दिए गए उस सार्वजनिक बयान के बाद, जिसमें उसने इस्लामी गणराज्य की अवधारणा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी.

पायलट ने इंदिरा गांधी की लेगेसी की दिलाई याद

पायलट ने कहा, ‘यह मत भूलिए कि इंदिरा गांधी ने ही पाकिस्तान को दो हिस्सों में तोड़ा था, इसलिए राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मामले में हमें किसी के उपदेश की जरूरत नहीं है. कांग्रेस की साख हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रही है, और मुझे यह कहते हुए गर्व होता है.’ उन्होंने कहा कि भाजपा को देख लीजिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कुछ राज्यों में कुछ धर्मों के लोगों को टिकट नहीं देती. उन्होंने तर्क दिया कि यह धर्मनिरपेक्षता नहीं है और पार्टी विभिन्न राज्यों में परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रुख अपनाती है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘कांग्रेस का लंबा इतिहास है और पूरे वक्त एक जैसी रही है; हमने अपने आदर्शों और विचारधारा को कायम रखा है, हम उन पर अडिग हैं और हम अपने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से कोई समझौता नहीं करेंगे. हम समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ लाएंगे और केरल में यूडीएफ एक बहुत मजबूत गठबंधन है.’

भाजपा-माकपा कर रहे ताबड़तोड़ हमले

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब माकपा और भाजपा दोनों की ओर से कांग्रेस पर तीखे हमले हो रहे हैं. दोनों दल उस पर जमात-ए-इस्लामी के साथ चुनावी मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह संबंध पार्टी के धर्मनिरपेक्ष होने के दावे को कमजोर करता है.

मणिशंकर अय्यर के हमले पर भी बोले सचिन

पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने हाल में कहा कि पिनरायी विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार केरल में फिर से सत्ता में आएगी. इस बारे में पूछने पर पायलट ने कहा कि अय्यर अब कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया गया था, इसलिए उनकी निजी राय पर टिप्पणी करने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि केरल की जनता पहले ही कांग्रेस नीत यूडीएफ को वोट देने का फैसला कर चुकी है.

किन्हें दिया जाएगा टिकट?

विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में पायलट ने कहा कि पार्टी की राय सबसे अधिक जीतने योग्य उम्मीदवारों का समर्थन करने की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवा नेताओं को जिम्मेदार पदों पर पदोन्नत करने की अपनी परंपरा को जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन करते समय जीतने की क्षमता, साफ-सुथरी छवि और व्यापक स्वीकार्यता प्रमुख कारक होंगे.

पायलट ने कहा कि मधुसूदन मिस्त्री के नेतृत्व वाली कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी इस प्रक्रिया पर काम कर रही है. पायलट ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि माकपा नीत एलडीएफ चुनावी हार की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने केरल की 20 लोकसभा सीटों में से 18 पर यूडीएफ की जीत और स्थानीय निकायों में 54 प्रतिशत सीटों पर जीत का हवाला देते हुए कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि यूडीएफ सरकार सत्ता में आएगी.

पीटीआई भाषा के इनपुट के साथ.

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