राज्यसभा में भिड़े मल्लिकार्जुन खरगे और पीयूष गोयल, बोले अमित शाह- मोदी सरकार को कोई डर नहीं

गृहमंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में कहा कि सरकार मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन मेरा विपक्ष से यह आग्रह है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए माहौल बनाना बनायें. अमित शाह ने यह भी कि सरकार को मणिपुर पर चर्चा से कोई डर नहीं है और उसे कुछ छिपाना भी नहीं है.

मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में गतिरोध जारी है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि मैंने संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं को पत्र लिखा. हम मणिपुर के मुद्दे पर लंबी चर्चा के लिए तैयार हैं, सरकार को कोई डर नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए उचित माहौल बनाए.

मणिपुर मुद्दे पर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह लोकसभा में बहु-राज्य सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक 2022 पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हम इस साल विजयादशमी या दिवाली से पहले एक नई सहकारी नीति लाएंगे.

विपक्ष के दोनों नेताओं को पत्र लिखा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि विपक्षी दलों को जनता से डरना चाहिए और मणिपुर जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा के लिए सदन में उचित माहौल बनाना चाहिए तथा सरकार को चर्चा से कोई डर नहीं है. उन्होंने लोकसभा में बहु राज्य सहकारी समितियां संशोधन विधेयक 2022 पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए मणिपुर के विषय का उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने इस संदर्भ में लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के दोनों नेताओं को पत्र लिखा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं तो अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल की हैसियत रखने वाली कांग्रेस के नेता हैं.

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लोकसभा में अमित शाह ने यह भी कि सरकार को मणिपुर पर चर्चा से कोई डर नहीं है और उसे कुछ छिपाना भी नहीं है. गृह मंत्री ने विपक्षी सदस्यों के लिए कहा कि जनता आपको देख रही है, चुनाव में जाना है. जनता के खौफ को ध्यान में रखें. आपसे विनती है कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन में उचित माहौल बनाइए.

विपक्ष से आग्रह है कि वे चर्चा होने दें

उल्लेखनीय है कि मणिपुर के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को भी लोकसभा में कहा था कि सरकार इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा को तैयार है और विपक्ष से आग्रह है कि वे चर्चा होने दें और सच्चाई देश के सामने आने दें. कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के अन्य घटक दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में वक्तव्य देने और चर्चा की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले चार दिन दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई.

मल्लिकार्जुन खरगे और पीयूष गोयल के बीच नोकझोंक

इधर, मणिपुर में हिंसा मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा को लेकर मंगलवार को सदन के नेता पीयूष गोयल एवं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच नोंकझोंक देखने को मिली. खरगे ने इस मुद्दे पर चर्चा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में मौजूदगी की मांग की वहीं गोयल ने कहा कि विपक्ष शासित विभिन्न राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध मुद्दे पर भी सदन में चर्चा की जाएगी.

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राज्यसभा में मणिपुर मामले को लेकर जोरदार हंगामा

राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू होने पर भी स्थिति पहले जैसी ही रही और विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य मणिपुर हिंसा पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग करने लगे. विपक्षी सदस्य इस मुद्दे पर पीएम मोदी के जवाब की भी मांग कर रहे थे. हंगामे के बीच ही सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रश्नकाल चलाया और कुछ सदस्यों ने पूरक सवाल किये और संबंधित मंत्रियों ने उनके जवाब भी दिये.

क्या हुआ मणिपुर में

मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो 19 जुलाई को सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया. वीडियो चार मई का बताया जा रहा है. मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस मामले को लेकर विपक्ष संसद में हंगामा कर रहा है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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