Kerala Assembly Elections Result : नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में एलडीएफ की करारी हार के बाद पिनरायी विजयन ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनका एक दशक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया. राजभवन के एक बयान के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और विजयन से अनुरोध किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहें. पिछले 10 वर्षों में लगातार दो कार्यकाल तक राज्य का नेतृत्व करने वाले विजयन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) की शानदार जीत के बाद अपना इस्तीफा सौंप है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीट जीती हैं, जबकि माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने 35 सीट जीती हैं.
केरल में एलडीएफ की करारी हार
केरल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली 21 सदस्यीय वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) कैबिनेट के तेरह सदस्य चुनाव हार गए हैं. राज्य की 21 मंत्रियों में से केवल मुख्यमंत्री, के राजन (राजस्व), जीआर अनिल (नागरिक आपूर्ति), केएन बालगोपाल (वित्त), पी प्रसाद (कृषि) और साजी चेरियन (सांस्कृतिक मामलों) ही विजयी हुए. हारने वालों में स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज प्रमुख हैं, जो अरनमुला से तीसरी बार चुनाव लड़ रही थीं. वो कांग्रेस उम्मीदवार अबिन वरकी से 18,985 वोट से हार गईं. वरकी को 70,083 वोट मिले, जबकि जॉर्ज को 51,098 वोट मिले। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता कुम्मनम राजशेखरन 34,983 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
कई मंत्री हारे चुनाव
केरल चुनाव के नतीजों में लोकप्रिय कैबिनेट सदस्यों में गिने जाने वाले देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन, कोट्टायम के एट्टुमानूर में कांग्रेस उम्मीदवार नट्टाकोम सुरेश से 19,752 वोट से हार गए. शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने तिरुवनंतपुरम के नेमोम निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के खिलाफ कड़ी टक्कर दी, लेकिन 3,500 से अधिक वोट से हार गए. केरल कांग्रेस (बी) के नेता और परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति कुमार चमाक्कला से 8,310 वोट से हार गए. केरल कांग्रेस (एम) नेता और एलडीएफ मंत्री रोशी ऑगस्टीन को भी इडुक्की में करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां वे कांग्रेस उम्मीदवार रॉय के पॉलोस से 23,822 वोट से हार गए.
बड़ी जीत की ओर यूडीएफ
कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव में उसके नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ की प्रचंड बहुमत की ओर बढ़त के बाद सोमवार को कहा कि वह प्रदेश की जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरेगी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अन्य राज्यों के नतीजे पार्टी के लिए निराशाजनक जरूर हैं, लेकिन इससे हताश होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि चुनाव परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा और संगठन को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. कांग्रेस ने केरल की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उसने यूडीएफ को भारी बहुमत से सेवा का अवसर दिया है और पार्टी इस जिम्मेदारी को निभाएगी.
केरल- धर्मदम से जीते सीएम पिनराई विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र से 19,247 वोटों से जीत हासिल की.
दो सीटों पर जीती बीजेपी- राजीव चंद्रशेखर
केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने दावा किया कि राज्य में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि नेमोम और चथन्नूर विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
चांड़ी ओमन जीते
केरल की पुथुपल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक चांडी ओमन ने जीत दर्ज की है. उन्होंने 52,907 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. वह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत ओमान चांडी के बेटे हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार चांडी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार केएम राधाकृष्णन के खिलाफ कुल 84,031 वोट मिले. राधाकृष्णन को कुल 31,124 वोट हासिल हुए.
रुझानों में कांग्रेस को बहुमत
केरल में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव की गिनती सोमवार (4 मई) को शुरू होते ही शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ जोरदार वापसी करता दिखा. करीब एक दशक बाद सत्ता में वापसी के संकेत मिलते ही इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया और खुशी का माहौल बन गया.
कौन कितने सीट पर आगे
| आगे | जीते | |
| LDF | 42 | 0 |
| UDF | 94 | 1 |
| NDA | 1 | 0 |
| OTH | 2 | 0 |
हरिपाद विधानसभा सीट पर कांग्रेस की जीत
निर्वाचन आयोग के अनुसार केरल की हरिपाद विधानसभा सीट पर 15 चरणों की मतगणना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के उम्मीदवार को 23,000 से अधिक मतों से हरा दिया.
क्या के.सी. वेणुगोपाल होंगे केरल के नये सीएम?
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि के.सी. वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने साफ किया कि ऐसे फैसले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में ही लिए जाते हैं. उनके मुताबिक राहुल गांधी भी पहले कह चुके हैं कि सीएम का चयन पार्टी और विधायक दल मिलकर करेंगे. यही वजह है कि कांग्रेस में हर नेता और विधायक की राय को अहमियत दी जाती है.
सबसे जरूरी बात यह है कि सरकार बदले : थरूर
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि अभी सबसे जरूरी बात यह है कि सरकार बदले, नीतियों में बदलाव आए और केरल फिर से आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि राज्य की खराब आर्थिक हालत को सुधारना होगा और ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां निवेश बढ़े. थरूर का कहना है कि केरल को फिर से ऐसा राज्य बनाना जरूरी है, जहां रोजगार के मौके पैदा हों और युवाओं को बाहर जाने की जरूरत न पड़े.
बीजेपी को अच्छे नतीजों की उम्मीद : पी.के. कृष्णदास
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी.के. कृष्णदास ने कहा कि इस बार पार्टी को अच्छे नतीजों की उम्मीद है. 140 सीटों में से कई सीटों पर जीत मिल सकती है. इसका उन्हें पूरा भरोसा है. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक केरल में दो ध्रुवीय राजनीति (एलडीएफ और यूडीएफ) रही है, लेकिन इस चुनाव में स्थिति बदलकर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहां एनडीए भी अहम भूमिका में नजर आएगा.
43 जगहों पर 140 काउंटिंग सेंटर बनाए गए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के मुताबिक काउंटिंग के लिए 43 जगहों पर 140 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं. कुल 15,464 कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 निर्वाचन अधिकारी, 1,340 अतिरिक्त अधिकारी, 4,208 माइक्रो ऑब्जर्वर, 4,208 सुपरवाइजर और 5,563 काउंटिंग असिस्टेंट शामिल हैं.
मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. काउंटिंग सेंटरों पर राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात हैं. अधिकारियों के मुताबिक, चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा रोकने के लिए पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है.
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केरल में करीब 79.63% लोगों ने वोट डाला
केरल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच तीनों गठबंधनों (एलडीएफ,यूडीएफ और एनडीए) के लिए ये नतीजे काफी अहम हैं. यहां कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से करीब 79.63% लोगों ने 9 अप्रैल को 140 सीटों पर वोट डाला. इन सभी सीटों के लिए कुल 883 उम्मीदवार मैदान में थे, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प बन गया है.
