गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, गुजरात में बिपरजॉय से 234 मवेशियों की हो गई मौत, 47 लोग हुए घायल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के कच्छ जिले में चक्रवात ‘बिपारजॉय’ से प्रभावित क्षेत्रों का शनिवार को हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने मांडवी शहर के एक अस्पताल में घायल लोगों से मुलाकात की और किसानों तथा एनडीआरएफ व बीएसएफ के कर्मियों से भी बातचीत की.

अहमदाबाद : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि गुजरात में करीब 140 किलोमीटर प्रति किलोमीटर की रफ्तार से प्रवेश करने वाले चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय से 234 मवेशियों की मौत हो गई और करीब 47 लोग घायल हो गए. हालांकि, इस चक्रवातीय तूफान से किसी व्यक्ति के मरने की खबर नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस चक्रवातीय तूफान से गुजरात के जिन क्षेत्रों में नुकसान पहुंचा है, उनके इलाकों में 20 जून तक बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता बिजली, पानी की आपूर्ति बहाल करना और आश्रय गृह में रह रहे लोगों को उनके घर भेजना है.

अमित शाह ने कच्छ का किया हवाई सर्वेक्षण

इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के कच्छ जिले में चक्रवात ‘बिपारजॉय’ से प्रभावित क्षेत्रों का शनिवार को हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने मांडवी शहर के एक अस्पताल में घायल लोगों से मुलाकात की और किसानों तथा एनडीआरएफ व बीएसएफ के कर्मियों से भी बातचीत की. वे एक हेलीकॉप्टर से कच्छ जिला मुख्यालय भुज पहुंचे और जखौ का हवाई सर्वेक्षण किया, जहां गुरुवार की रात शक्तिशाली चक्रवात ने कहर बरपाया था. उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी थे.

मांडवी के अस्पताल में घायलों से की बात

‍‍मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह मांडवी उप-जिला अस्पताल पहुंचे और तटीय गांवों से लाए गए घायल लोगों और गर्भवती महिलाओं से मुलाकात की. उन्होंने फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए मांडवी के पास एक खेत का जायजा लिया और किसानों से बातचीत की. उन्होंने मांडवी हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों से मुलाकात की, जो राहत और बचाव कार्यों में शामिल थे.

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चक्रवात की स्थिति पर की चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री वापस भुज गए और चक्रवात के बाद की स्थिति पर चर्चा की. चक्रवात के दौरान चली तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे उखड़ जाने से कई कस्बों और सैकड़ों गांवों की बिजली कट गई. सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा था कि 1,09,000 लोगों को तटीय क्षेत्रों से अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित किया गया, जिनमें 10,918 बच्चे, 5,070 वरिष्ठ नागरिक और 1,152 गर्भवती महिलाएं थीं.

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