मैं एपस्टीन से 3 से 4 बार मिला…राहुल गांधी के आरोप पर हरदीप पुरी ने दिया जवाब

Epstein Files: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. पुरी ने बताया कि एपस्टीन से उनकी 3 से 4 बार मुलाकात हुई है. जो इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुई थी.

Epstein Files: लोकसभा में LoP राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, युवा नेता को पता होना चाहिए, एपस्टीन फाइल्स गलत कामों, क्रिमिनल अपराधों के बारे में है. एपस्टीन फाइल्स में आरोप है कि उनके पास एक आइलैंड था जहां वह लोगों को उनकी सेक्सुअल फैंटेसी पूरी करने के लिए ले जाते थे, एपस्टीन पर बाल यौन शोषण के आरोप हैं. पीड़ितों ने अथॉरिटी के खिलाफ केस किए हैं. मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था.

एपस्टीन से क्यों मिले थे हरदीप पुरी?

यूनियन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 2009 में जब मैं न्यूयॉर्क गया था और 2017 में, मैं एपस्टीन से कुल 4 बार मिला. 9 साल में चार बार, मैं IPI का मेंबर था जिसे यह देखने के लिए अपॉइंट किया गया था कि UN अपनी 75वीं एनिवर्सरी पर अपने मकसद के लिए फिट है या नहीं. एपस्टीन के साथ मेरी कोई इंडिपेंडेंट मीटिंग नहीं हुई. एपस्टीन के खिलाफ आरोप सेक्सुअल फेवर, पीडोफिलिया, दूसरे गलत कामों के बारे में हैं. मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है.

Epstein Files: हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, राहुल गांधी को बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. पुरी ने कहा- दो तरह के नेता होते हैं: वे जो पॉलिटिकल सिस्टम में ज़िम्मेदारी लेते हैं और अपनी जिंदगी समाज सेवा, देश को बदलने में लगा देते हैं. और फिर दूसरे नेता भी हैं जो कभी-कभी देश में आते हैं, और जब वे संसद में आते हैं, तो दूसरों की बात सुनने के बजाय सदन से चले जाते हैं. राहुल गांधी आज भी स्पीच देने के बाद बाहर चले गए.

किरेन रीजीजू बोले- राहुल गांधी के पुरी पर लगाए गए आरोप विशेषाधिकार हनन है

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का भाषण झूठ से भरा था. राहुल गांधी ने बिना नोटिस दिये पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एक गंभीर आरोप लगाया है, जो विशेषाधिकार हनन है. उन्होंने कहा, हम आसन को आवश्यक सूचना देंगे. नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर चर्चा में कोई उपयोगी और ठोस योगदान नहीं दिया, बल्कि केवल कुछ बेबुनियाद आरोप लगाए. भाषण देने के बाद राहुल तुरंत सदन से बाहर चले गए. जबकि नियम यह है कि एक बार कोई सदस्य अपना भाषण दे दे, तो वह तुरंत सदन नहीं छोड़ सकता.

राहुल गांधी ने क्या लगाया था आरोप?

संसद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, एक व्यापारी अनिल अंबानी हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि वह जेल में क्यों नहीं हैं? वजह यह है कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है. मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहूंगा कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया. मुझे पता है कि उन्हें किसने मिलवाया, और हरदीप पुरी जानते हैं कि उन्हें किसने मिलवाया. सदन से बाहर राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा है कि मेरे पास जो डेटा है, मैं उसे ऑथेंटिकेट करूंगा. डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस की फाइलें एपस्टीन की फाइलों पर हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है. अडाणी के खिलाफ चल रहे एक केस में समन जारी किए गए हैं. भारत सरकार ने पिछले 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। खास बात यह है कि कोई भी PM नॉर्मल सिचुएशन में ऐसा नहीं करेगा. नॉर्मल सिचुएशन में, कोई भी PM डेटा, किसानों, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस के मामले में वह नहीं करेगा जो हुआ है. कोई ऐसा तभी करेगा जब उस पर एक खास पकड़ होगी.

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By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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