चिकमंगलूर/बेंगलुरु (कर्नाटक) : कर्नाटक के राजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में करीब दस हजार ‘फर्जी’ मतदाता पहचान पत्रों की जब्ती के बाद उठे विवाद को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कर्नाटक के मतदाताओं से कहा कि वे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को ‘माफ’ न करें. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस फर्जी मतदाता पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने यहां एक चुनावी रैली में कहा, ‘आपने देखा होगा कि कैसे हजारों की संख्या में मतदाता पहचान पत्र, कंप्यूटर, प्रिंटिंग मशीन जब्त की गयीं. कांग्रेस फर्जी मतदाता पहचान पत्रों के आधार पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है. 12 मई को जब लोग मतदान के लिए जायें तो लोगों को उसे माफ नहीं करना चाहिए.’ कर्नाटक के राज राजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में एक फ्लैट से करीब 10 हजार ‘फर्जी’ मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद यहां की सियासत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया. इस गिरोह के पीछे कांग्रेस का हाथ होने का दावा करते हुए भाजपा ने इस सीट पर चुनाव रद्द करने की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को ‘झूठ’ बताकर खारिज किया है. दोनों पार्टियां इस फ्लैट को विरोधी पार्टी के सहयोगी का बता रही हैं.
चुनाव में दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दलों कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर वार करते हुए जिस महिला के फ्लैट से ये फर्जी मतदाता पहचान पत्र मिले हैं उसे अपने विरोधी दल का होने का दावा किया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधायक मुनिरत्न नायडू इस कथित रैकेट के पीछे हैं और इसका पर्दाफाश भाजपा कार्यकर्ता राकेश ने किया है. उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि फ्लैट की मालिक मंजुला नन्जमारी और राकेश का संबंध भाजपा से है. दोनों ने भाजपा के टिकट पर बेंगलुरु नगर निकाय का चुनाव लड़ा था.
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने मंगलवारको मध्यरात्रि में संवाददाता सम्मेलन बुलाकर बताया कि कार्ड के अलावा, फार्म 6 ए (विदेशी मतदाता द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज मिले हैं. उन्होंने कहा कि काउंटर फाइल का रंग संदिग्ध है और मामले की जांच की जा रही है. जावड़ेकर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रैकेट की जानकारी दिये जाने के बाद पुलिस ने मंगलवारको होलोग्राम के साथ हजारों की संख्या में फर्जी मतदाता पहचान पत्र, लेमिनेशन मशीन और कंप्यूटर जब्त किये. उन्होंने पूरे मामले की व्यापक फोरेंसिक जांच की मांग की. उन्होंने कहा, ‘यह कांग्रेस की सोच है, अगर मतदाता आपके लिए वोट नहीं देते हैं तो फर्जी मतदाता बनाइये.’ उन्होंने दावा किया कि ‘फर्जी मतदाता पहचान पत्र छापने की फैक्टरी’ मंजुला के फ्लैट में चलायी जा रही थी. उन्होंने कहा कि मंजुला एक समय भाजपा से जुड़ी थी किंतु अब वह कांग्रेस के साथ हैं. उन्होंने मंजुला को तत्काल गिरफ्तार किये जाने की मांग की.
सुरजेवाला ने कहा, ‘प्रकाश जावड़ेकर में झूठ बोलने तथा कर्नाटक के लोगों को यह कहकर गुमराह करने का दुस्साहस है कि मंजुला का संबंध भाजपा से नहीं है. वह पूर्व भाजपा पार्षद है तथ राकेश भी 2015 में भाजपा के टिकट पर निगम का चुनाव लड़ चुका है.’ कुछ समाचार चैनलों का दावा कि राकेश मंजुला का पुत्र है, जबकि अन्य का कहना है कि महिला ने उसे गोद लिया था. विवादों के मध्य में आयी महिला ने इस बात का दावा कि वे संबंधी तो हैं, किंतु उनका आपस में कोई संपर्क नहीं है. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी और कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस फ्लैट का स्वामित्व ‘मंजुला’ नन्जमारी नामक व्यक्ति के पास है और उसे राकेश नामक व्यक्ति को किराये पर दिया गया है.
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने हालांकि इस पूरी घटना को सुनियोजित बताया. उन्होंने दावा किया कि मंजुला भाजपा के साथ जुड़ी हैं और उनके बेटे राकेश ने भाजपा के टिकट पर नगर निगम का चुनाव लड़ा था. शर्मा ने दिल्ली में संवाददातओं से कहा, ‘निर्वाचन आयोग को निश्चित रूप से कार्रवाई करनी चाहिए और पुलिस में मामला दर्ज होना चाहिए.’ भाजपा यह सब हथकंडे अपना रही है क्योंकि हार उसे सामने दिख रही है.
