1. home Hindi News
  2. entertainment
  3. bollywood
  4. juhi chawla suit against 5g implementation repeatedly disrupted by unknown person sings songs in delhi high court bud

जूही चावला की 5जी याचिका पर सुनवाई के दौरान शख्स ने गाये गाने, भड़के जज, बोले- अवमानना का नोटिस जारी करें

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
juhi chawla
juhi chawla
instagram

बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला ने हाल ही में भारत में 5जी लागू करने के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई. लेकिन सुनवाई के दौरान अचानक फिल्मी गाने सुनाई देने लगे. इससे कोर्ट की कार्यवाही भी कुछ देर के लिए बाधित हुई. किसी ने कम से कम तीन बार वेबएक्स प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल कोर्ट रूम में प्रवेश किया ''घूंघट की आड़ से'' और 'मेरी बन्नो की आएगी बारात' जैसे गाने गाने लगे. यूजर्स स्क्रीन पर 'मनीषा कोइराला' और 'जाह्नवी' जैसे नामों के साथ नजर आए.

रुकावटों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति मिधा ने अपने कर्मचारियों को व्यक्तियों की पहचान करने का आदेश दिया ताकि अवमानना की कार्रवाई की जा सके. अदालत ने बैठक से व्यक्तियों को हटाने का भी आदेश दिया. वहीं कुछ प्रशंसक ने उनके बारे में पूछताछ करते हुए पूछा, "जूही मैम कहां हैं, मैं जूही मैम दिख नहीं रही." जूही चावला ने अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर वर्चुअल सुनवाई का लिंक साझा किया है.

किसी भी व्यक्ति को खुद को अनम्यूट न करने देने के लिए कोर्ट रूम को बाद में कोर्ट स्टाफ द्वारा 'लॉक' कर दिया गया था. हालांकि, जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बहस कर रहे थे, प्रतिभागियों ने उनके तर्कों के खिलाफ इमोजी का इस्तेमाल किया. कोर्ट रूम 'लॉक' होने के बाद सुनवाई सुचारू रूप से चली. एकबार, प्रतिभागियों की संख्या भी 200 से अधिक थी, जो सामान्य है. सुनवाई के दौरान जूही चावला भी मौजूद रहीं.

वहीं, अदालत ने मुकदमे को "बहुत चौंकाने वाला" करार देते हुए कहा कि यह केवल मीडिया प्रचार के लिए किया जा रहा है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने तब तकनीकी मुद्दों और मुकदमे की स्थिरता पर दलीलें सुनने के बाद मुकदमे में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.

गौरतलब है कि, जूही चावला के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा था कि भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू किये जाने से पहले RF रेडिएशन से मानव जाति, महिला, पुरुषों, व्यस्कों, बच्चों, शिशुओं, जानवरों, जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और पर्यावरण पर पड़नेवाले प्रभावों को लेकर अच्छे से अध्ययन किया जाए और इससे संबंधित किये गये अथवा किये जानेवाले तमाम रिपोर्ट्स को सार्वजनिक किया जाए.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें