आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘आर्टिकल 15′ को मिले सीबीएफसी प्रमाण पत्र रद्द करने की मांग वाली याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया, याचिकाकर्ता से उपयुक्त प्राधिकरण का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा. यह फिल्म 28 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी.
याचिकाकर्ता ‘ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया’ इस फिल्म को मिले प्रमाणपत्रा को रद्द करने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय पहुंचा था. उसका आरोप था कि इस फिल्म में आपत्तिजनक संवाद हैं जो समाज में जातीय घृणा फैला रहे हैं. न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, ‘आप कानून के अंतर्गत उपयुक्त प्राधिकार के पास जाएं.’
गौरतलब है कि फिल्म की रिलीज के विरोध में कानपुर में कई ब्राहमण संगठनों ने मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हाल के बाहर यहां धरना प्रदर्शन किया था. जिसके चलते कई शोज रद्द कर दिये गये थे. पुलिस अधीक्षक नगर राजकुमार अग्रवाल ने बताया था कि अखिल भारतीय ब्राहमण एकता परिषद, सर्व ब्राहमण सभा जैसे कई ब्राहमण संगठनों ने फिल्म के अभिनेता और निर्माता निर्देशक के खिलाफ नारेबाजी की और फिल्म के पोस्टर फाड़ दिये थे.
फिल्म की कहानी की बात करें तो यह तीन नाबालिग लड़कियों के साथ रेप और मर्डर के इर्द-गिर्द घूमती हैं. फिल्म का डायरेक्शन अनुभव सिन्हा ने किया है और फिल्म में आयुष्मान खुराना ने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है. फिल्म में आयुष्मान खुराना के अलावा फिल्म में ईशा तलवार मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, सयानी गुप्ता और मोहम्मद जीशान आयूब मुख्य भूमिका में हैं.
