संसद पहुंचे रांची के सार्थक सिद्धांत, दिखाई CBSE OSM सिस्टम की गड़बडियां

Ranchi Student Sarthak Sidhant: रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत एक बार फिर चर्चा में हैं. CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा में इस्तेमाल किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को लेकर उन्होंने अपनी आवाज देश की संसद तक पहुंचा दी है.

Ranchi Student Sarthak Sidhant: सार्थक सिद्धांत संसद भवन एनेक्सी पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी प्रस्तुति दी. यह समिति CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में लागू किए गए OSM सिस्टम (CBSE OSM) और उससे छात्रों को हुई परेशानियों की समीक्षा कर रही है. इसी सिलसिले में सार्थक को अपनी बात रखने का मौका मिला.

क्या है CBSE का OSM सिस्टम?

OSM यानी On-Screen Marking System एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके परीक्षकों के सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध कराया जाता है. इसके बाद शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से कॉपियों की जांच करते हैं.

CBSE का कहना है कि इससे कॉपी चेकिंग प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी बनती है. हालांकि कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि इस सिस्टम की वजह से उनके अंकों पर असर पड़ा और मूल्यांकन में कई तरह की गड़बड़ियां देखने को मिलीं.

Ranchi Student Sarthak Sidhant: सार्थक ने उठाए छात्रों के मुद्दे

सार्थक सिद्धांत उन छात्रों में शामिल हैं जिन्होंने OSM सिस्टम को लेकर सवाल उठाए थे. उनका कहना है कि कई छात्रों को उम्मीद से कम अंक मिले और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर पारदर्शिता की कमी महसूस हुई.

संसदीय समिति के सामने अपनी प्रस्तुति में उन्होंने OSM सिस्टम से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और छात्रों की चिंताओं को विस्तार से रखा. उन्होंने यह भी बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए किन सुधारों की जरूरत है.

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Published by: Ravi Mallick

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