Nepal Gen Z Protest: नेपाल में बवाल! भारतीय छात्र पढ़ाई और सुरक्षा दोनों को लेकर संकट में

Nepal Gen Z Protest: नेपाल में चल रहे Gen Z प्रोटेस्ट का सबसे बड़ा असर वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों पर पड़ रहा है. न क्लास हो रही है, न परीक्षा, और न ही घर लौटने का रास्ता. कर्फ्यू और बंद कॉलेजों के बीच हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है.

Nepal Gen Z Protest: नेपाल में चल रहे जेन जेड (Gen Z) प्रोटेस्ट ने वहां रह रहे भारतीय छात्रों की जिंदगी और पढ़ाई को गहरी मुश्किलों में डाल दिया है. मेडिकल और उच्च शिक्षा के लिए नेपाल को चुनने वाले हजारों भारतीय विद्यार्थी इन दिनों दोहरी परेशानी झेल रहे हैं- कक्षाएं और परीक्षाएं लगातार स्थगित हो रही हैं, वहीं कर्फ्यू के कारण वे हॉस्टल तक ही सीमित होकर रह गए हैं.

कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित

चितवन मेडिकल कॉलेज, भरतपुर में पढ़ने वाले भारतीय एमबीबीएस छात्रों के मुताबिक, हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने कई जरूरी दुकानों और सुपरमार्केट को आग के हवाले कर दिया, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है. कॉलेज प्रशासन ने सभी क्लास और सप्लीमेंट्री परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. लगभग 50 छात्र हॉस्टल में कर्फ्यू के साए में फंसे हुए हैं.

भविष्य को लेकर बढ़ रही चिंता

कॉलेजों के बंद रहने और परीक्षाओं के अनिश्चितकालीन टलने से छात्रों का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह बिगड़ गया है. छात्रों को डर है कि कोर्स की अवधि बढ़ जाएगी। वहीं, माता-पिता भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं.

कैसे शुरू हुआ आंदोलन

यह आंदोलन शुरुआत में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का विरोध था. लेकिन धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचार और राजनीतिक उदासीनता के खिलाफ बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है. नेपाल के कई हिस्सों में भारी बवाल और हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

भारत सरकार की एडवाइजरी और उड़ानों पर असर

भारत के विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों और छात्रों को गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है. साथ ही नेपाल में मौजूद भारतीयों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर रहने को कहा गया है. एयर इंडिया और इंडिगो ने काठमांडू के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं. जमीनी सीमा भी सील कर दी गई है, जिससे छात्रों को लेने पहुंचे परिवारजन वापस लौटने को मजबूर हो गए.

हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर

अनुमान है कि नेपाल में तीन से चार हजार भारतीय छात्र मेडिकल और नॉन-मेडिकल कोर्स कर रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद नेपाल भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई का सस्ता और आसान विकल्प बनकर उभरा था, लेकिन मौजूदा हालात ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है.

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By Pushpanjali

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