DU PhD Admission 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने अपने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब योग्य स्नातक छात्र बिना मास्टर (पीजी) किये सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकेंगे. यह विशेष व्यवस्था 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए लागू की गयी है.
पीएचडी में सीधे दाखिले की पात्रता व शर्ते
- सीधे पीएचडी में दाखिले का यह विकल्प केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जो चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) का चौथा साल सफलतापूर्वक पूरा करेंगे.
- चार साल की डिग्री प्राप्त करनेवाले सामान्य वर्ग के छात्रों के पास न्यूनतम 7.5 सीजीपीए होना अनिवार्य है. अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति श्रेणी के छात्रों के लिए न्यूनतम सीजीपीए 7.0 तय किया गया है.
- डीयू की एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय के अध्यादेशों में यह बदलाव किया गया है.
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जानें चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के बारे में
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत सत्र 2022-23 में शुरू हुए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) का पहला बैच 2026 में पूरा हो रहा है. इसमें कुल 75,948 छात्रों ने दाखिला लिया था, जिसमें से 2025 में तीन साल की पढ़ाई पूरी करके 40,005 छात्र डिग्री लेकर बाहर हो गये, जबकि 35,943 छात्रों ने चौथे वर्ष में पढ़ाई जारी रखने का विकल्प चुना, इन्हीं में से 12,111 छात्रों (34.27 फीसदी) ने सत्र 2026-27 के लिए डीयू के एक-वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में आवेदन किया है.
खास है एफवाईयूपी का चौाथा वर्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसार एफवाईयूपी का चौाथा वर्ष छात्रों में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि भारतीय डिग्रियों को वैश्विक मानकों के समकक्ष लाया जा सके. प्रोजेक्ट चुनने वाले छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर शोध करना होता है. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि डायरेक्ट पीएचडी की यह सुविधा फिलहाल 2026-27 सत्र के लिए एक विशेष उपाय के रूप में लागू की गयी है.
