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PPF/7th Pay Commission News : आप PPF से बना सकते हैं बड़ा रिटायरमेंट फंड और ले सकेंगे बेहतर रिटर्न, जानिए क्या है फंडा?

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
रिटायरमेंट के बाद के निवेश के लिए बेहतर विकल्प है पीपीएफ.
रिटायरमेंट के बाद के निवेश के लिए बेहतर विकल्प है पीपीएफ.
फाइल फोटो.

PPF/7th Pay Commission News : अगर आप नौकरी-पेशा हैं और अपने रिटायरमेंट के बाद के भविष्य को बेहतर बनाने के ख्याल से किसी बचत स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, तो लंबी अवधि के लिए लोक भविष्य निधि (Public provident fund) यानी PPF में निवेश करना अच्छा विकल्प है. इसमें आपको बेहरत रिटर्न मिलने के साथ ही टैक्स डिडक्शन का लाभ और ब्याज और मूलधन की सॉवरेन गारंटी भी मिलती है. पीपीएफ योजना (PPF Scheme) में शामिल होकर कोई भी निवेशक अपने रिटायरमेंट के बाद के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है. इसके साथ ही, बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए बड़ी रकम भी जमा कर सकते हैं. इस स्कीम की खासियत यह है कि इसमें ब्याज आमदनी, सालाना निवेश और मैच्यूरिटी राशि में ब्याज छूट मिलती है.

पीपीएफ स्कीम के फायदे

  • कोई भी व्यक्ति किसी अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के नाम पर खाता खोल सकता है यदि वह उसका अभिभावक हो, लेकिन किसी अभिभावक द्वारा अवस्यक या मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति के नाम से केवल एक ही खाता खोला जा सकेगा.

  • इस योजना के अधीन संयुक्त खाता नहीं खोला जाएगा.

  • एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि 50 रुपये के गुणक में 500 रुपये से कम और 1,50,000 रुपये से अधिक नहीं किया जा सकेगा.

  • खाते में राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा की जा सकती है.

  • ब्याज आय पर कोई आयकर नहीं.

  • पीपीएफ खाता किसी भी बैंक की शाखा, डाकघर से/के लिए स्थानांतरणीय योग्य हैं.

  • पीपीएफ खाते पर ऋण सुविधा उस वर्ष के अंत से 1 साल की समाप्ति के बाद उपलब्ध है, जिसमें प्रारंभिक सदस्यता बनायी गयी थी.

  • जिस साल खाता खोला गया था, उस साल के अंत से 5 साल की समाप्ति के बाद किसी भी समय 50 फीसदी तक की आंशिक निकासी की जा सकेगी.

  • नामांकन की सुविधा उपलब्ध.

  • 5 साल के ब्लॉक अवधि के साथ खाते का विस्तार संभव है.

सरकार ने ब्याज दर में नहीं किया है फिलहाल कोई बदलाव

सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है यानी पीपीएफ में जुलाई से सितंबर के दौरान भी 7.10 फीसदी की दर से ब्याज मिलना जारी रहेगा. पीपीएफ में ब्याज की गणना हर महीने होती है, लेकिन वित्त वर्ष के आखिर में ही इसे क्रेडिट किया जाता है.

पीपीएफ स्कीम का क्या है नियम?

पीपीएफ स्कीम के लिए तैयार किए गए नियमों के अनुसार, इसमें ब्याज की गणना महीने की पांच तारीख से महीने के आखिर तक पीपीएफ खाता में जमा न्यूनतम राशि पर होती है. यदि पांच तारीख से पहले ही पीपीएफ खाते में पैसे डाल दिये जाएं, तो ब्याज की गणना की अवधि के दौरान मिनमम बैलेंस अधिक रहता है. अगर आप सालाना आधार पर पीपीएफ में निवेश कर रहे हैं, तब भी आपको अपने पीपीएफ खाता में रकम पांच अप्रैल से पहले डालनी चाहिए. ऐसा करने पर आपको योजना में अधिकतम ब्याज मिल सकेगा.

मैच्यूरिटी डेट

पीपीएफ स्कीम में हर साल 500 रुपये जमा करना जरूरी है. जिस खाते में किसी भी कारण से यह पैसा जमा नहीं किया जाता है, तो उसे बंद खाता मान लिया जाता है. हालांकि, इस तरह के खाते को परिपक्वता से पहले बंद नहीं किया जा सकता है. बंद खाते को न्यूनतम जमा राशि अर्थात 500 रुपये के साथ प्रत्येक चूक वर्ष के लिए 50 रुपये प्रति चूक शुल्क के साथ फिर से चालू किया जा सकता है.

एकमुश्त कितनी राशि की जा सकती है जमा?

सरकार की इस स्कीम के तहत खाते में हर साल 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. ये पैसे खाताधारक अपने खाते में एकमुश्त या किस्तों में जमा कर सकते हैं. इसके साथ ही, अगर किसी खाताधारक ने लगातार अपने खाते में 15 साल तक पैसा जमा किया है, तो वह 15 साल की समाप्ति के बाद उसे 5 अतिरिक्त साल के लिए आगे भी बढ़ा सकता है.

क्या है ब्याज दर?

  • ब्याज दर का भुगतान भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दर पर किया जाता है.

  • संशोधित ब्याज दर 7.10 फीसदी प्रति वर्ष है.

  • ब्याज की गणना वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज पर की जाती है.

  • महीने के लिए ब्याज की गणना खाते में माह की 5वीं तारीख से लेकर माह के अंतिम तारीख तक उपलब्ध न्यूनतम शेष पर की जाती है.

  • अन्य बैंक के चेक से राशि जमा करने पर खाते में राशि की प्राप्ति की तारीख को जमा राशि तारीख माना जाएगा.

क्या हैं स्थानांतरण के नियम?

पीपीएफ खाते को किसी अधिकृत बैंक की शाखा से डाकघर में एवं डाकघर से अधिकृत बैंक की शाखा में तथा बैंक की एक शाखा से दूसरी शाखा में हस्तांतरित किया जा सकता है. पीपीएफ खाते को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है. साथ ही, जमाकर्ता की मृत्यु होने की स्थिति में भी नॉमिनी उस खाते को चालू नहीं रख सकता है.

लोन लेने के क्या हैं नियम?

पीपीएफ स्कीम के तहत वर्ष समाप्ति से एक वर्ष के समापन के बाद किसी भी समय जिसमें प्रारंभिक अंशदान किया गया हो, परंतु वर्ष समाप्ति से पांच वर्षों के समापन से पूर्व जिसमें प्रारंभिक अंशदान किया गया हो, खाताधारक उस तात्कालिक पूर्ववर्ती वर्ष, जिस वर्ष उसने ऋण के लिए आवेदन किया है,दूसरे वर्ष की समाप्ति पर उसे क्रेडिट होने वाली राशि के योग, जो 25 फीसदी से अधिक न हो, उसके लिए आवेदन कर सकता है.

Posted By : Vishwat Sen

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