‘आपने बिल्कुल टाइम वेस्ट किया, अपना भी और हमारा भी’, बजट सुनकर शार्क टैंक के अशनीर ग्रोवर ने ली चुटकी

Budget 2026: अशनीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि इस बजट को देखकर उन्हें शार्क टैंक के उस कंटेस्टेंट की याद आ गई जिसे उन्होंने शो पर जमकर झाड़ा था. उन्होंने लिखा “इस बजट ने मुझे शार्क टैंक वाली अपनी वह बात याद दिला दी.

Budget 2026: रविवार को जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026 पेश किया, सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं ‘शार्क टैंक इंडिया’ के पूर्व जज और बिजनेसमैन अशनीर ग्रोवर ने. अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर अशनीर ने बजट को सीधे तौर पर “टाइम वेस्ट” बता दिया.

वही पुराना वाला अंदाज !

अशनीर ग्रोवर का एक्स पोस्ट (स्क्रीनशॉट )

अशनीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि इस बजट को देखकर उन्हें शार्क टैंक के उस कंटेस्टेंट की याद आ गई जिसे उन्होंने शो पर जमकर झाड़ा था. उन्होंने लिखा “इस बजट ने मुझे शार्क टैंक वाली अपनी वह बात याद दिला दी. ‘बिलकुल टाइम वेस्ट किया आपने अपना भी और हमारा भी!'” अशनीर का यह ट्वीट देखते ही देखते वायरल हो गया. लोग मजे लेने लगे कि बजट में वो ‘नंबर्स’ और ‘दम’ नहीं था जिसकी उम्मीद की जा रही थी.

जनता का रिएक्शन: “अशनीर भाई को एक मौका दो”

  • एक यूजर ने लिखा: “अशनीर भाई को एक बार बजट बनाने का मौका मिलना चाहिए, वो एकदम कील गाड़ देंगे (He will nail it)!”
  • दूसरे का कहना था: “शार्क टैंक की पिच तो फिर भी 10 मिनट में खत्म हो जाती है, इस बजट पिच ने तो हमारा पूरा साल खराब कर दिया.”
  • तीसरे ने चुटकी ली: “बजट सुनकर लग रहा है जैसे अशनीर बोल रहे हों. ‘आपका पैशन अच्छा है, पर नंबर्स नहीं हैं. टाइम वेस्ट!'”

आखिर बजट में था क्या?

निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार बजट पेश किया और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर दिया. बजट की कुछ बड़ी बातें ये रहीं.

  • शिक्षा और इलाज में थोड़ी राहत: विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है.
  • मैन्युफैक्चरिंग पर जोर: सरकार ने 7 प्रायरिटी सेक्टर्स में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने का वादा किया है.
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और बिल्डिंग्स जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करने की बात दोहराई गई है.

मिडिल क्लास को क्या मिला?

सच कहें तो… इंतजार! मिडिल क्लास को सबसे ज्यादा उम्मीद थी कि इनकम टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव होगा, ताकि बढ़ती महंगाई में थोड़ी बचत हो सके. लेकिन सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया. बस इसी बात ने लोगों को सबसे ज्यादा नाराज कर दिया है.

Also Read: हमारा पैसा लेकर… बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया, बजट 2026 पर भड़कीं ममता बनर्जी, TMC ने सरकार को जमकर कोसा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >