PPF Investment: क्या आप जानते हैं कि PPF में सिर्फ पैसा डालना काफी नहीं है, बल्कि कब डालना है, यह ज्यादा जरूरी है? अगर आप महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करते हैं, तो आप उस पूरे महीने का ब्याज गंवा देते हैं. सरकार ने अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के लिए ब्याज दरों को 7.1% पर बरकरार रखा है. ऐसे में अगर आप अपने निवेश पर अधिकतम रिटर्न चाहते हैं, तो आपको ‘5 तारीख वाले नियम’ को समझना होगा.
क्यों जरूरी है ‘5 तारीख’ की डेडलाइन?
PPF में ब्याज की गणना हर महीने होती है, लेकिन यह महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी तारीख के बीच मौजूद ‘न्यूनतम बैलेंस’ (Minimum Balance) पर दी जाती है.
- फायदा: अगर आप 5 अप्रैल को ₹1.5 लाख जमा करते हैं, तो आपको पूरे 12 महीनों का ब्याज (₹10,650) मिलेगा.
- नुकसान: अगर आप वही पैसा 20 अप्रैल को जमा करते हैं, तो अप्रैल का ब्याज नहीं मिलेगा. आपको केवल 11 महीनों का ब्याज (₹9,762.50) मिलेगा. यानी सिर्फ 15 दिन की देरी से ₹887.50 का सीधा नुकसान!
लंपसम (Lump Sum) निवेश के लिए बेस्ट समय
अगर आप साल में एक बार ₹1.5 लाख निवेश करना चाहते हैं, तो सबसे सही समय 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच है. इससे आपको पूरे वित्त वर्ष (Financial Year) के लिए 7.1% का पूरा लाभ मिलता है.
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) और PPF :अक्सर लोग सोचते हैं कि नई टैक्स व्यवस्था में 80C की छूट नहीं मिलती, तो PPF बेकार है. लेकिन ऐसा नहीं है! PPF EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस के साथ आता है:
- निवेश: टैक्स फ्री (पुरानी व्यवस्था में).
- ब्याज: हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री.
- मेच्योरिटी: 15 साल बाद मिलने वाली पूरी रकम टैक्स फ्री.
चाहे आप नई व्यवस्था में हों या पुरानी में, मेच्योरिटी पर मिलने वाले करोड़ों रुपये पर आपको ₹1 का भी टैक्स नहीं देना होगा. यह इसे रिटायरमेंट के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प बनाता है.
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