अगर आप किसी भी एडवांस्ड मोटरसाइकिल के हैंडलबार को ध्यान से देखें, तो फ्रंट ब्रेक लीवर के ठीक ऊपर एक छोटा-सा चौकोर डिब्बा लगा हुआ दिखाई देगा. कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर यह छोटा बॉक्स क्या होता है और इसे वहां क्यों लगाया जाता है? दरअसल, यह कोई नॉर्मल डिब्बा नहीं बल्कि बाइक के ब्रेक सिस्टम का एक बेहद अहम हिस्सा होता है. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.
क्या कहते हैं उस छोटा चौकोर बॉक्स को?
फ्रंट ब्रेक लीवर के पास लगा यह छोटा चौकोर बॉक्स ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर कहलाता है. इसी में हाइड्रोलिक ब्रेक फ्लूइड भरा रहता है. यह बाइक के ब्रेक को सही तरीके से काम करने में मदद करता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत गाड़ी को रोकने में अहम भूमिका निभाता है.
कैसे काम करता है ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर?
जब कोई राइडर बाइक का फ्रंट ब्रेक लीवर दबाता है, तो असल में अंदर एक दिलचस्प प्रोसेस शुरू हो जाती है. लीवर दबाते ही ब्रेक फ्लूइड के जरिए हाइड्रोलिक प्रेशर बनता है, जो इस ताकत को ब्रेक कैलिपर तक पहुंचाता है. इसके बाद ब्रेक पैड्स डिस्क रोटर को मजबूती से पकड़ लेते हैं. इससे बाइक की स्पीड धीरे-धीरे कम होती है या वह पूरी तरह रुक जाती है.
अगर यह रिजर्वायर और इसके अंदर मौजूद ब्रेक फ्लूइड न हो, तो हाइड्रोलिक ब्रेकिंग सिस्टम सही तरीके से काम ही नहीं कर पाएगा. यानी सेफ ब्रेकिंग के लिए यह छोटा-सा हिस्सा बेहद जरूरी होता है.
ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर हैंडलबार के पास ही क्यों लगाया जाता है?
दरअसल, इसकी एक खास वजह होती है. असल में यह रिजर्वायर सीधे मास्टर सिलेंडर से जुड़ा होता है, जो ब्रेक लीवर असेंबली के अंदर लगा रहता है. हैंडलबार के पास होने से जब भी राइडर ब्रेक दबाता है, तो ब्रेक फ्लूड तुरंत और आसानी से ब्रेक लाइनों के जरिए आगे बढ़ता है. इससे ब्रेक सही तरीके से काम करते हैं.
साथ ही, यह जगह ऐसी होती है जहां राइडर या मैकेनिक के लिए ब्रेक फ्लूड को चेक करना और मेंटेनेंस करना भी आसान हो जाता है. कई बाइक में इस रिजर्वायर पर एक छोटा-सा ट्रांसपेरेंट विंडो या लेवल मार्क भी होता है. इससे बिना ढक्कन खोले ही फ्लूड का लेवल देखा जा सकता है.
ब्रेक फ्लूइड का सही लेवल बनाए रखना क्यों जरूरी?
दरअसल, सेफ ब्रेकिंग के लिए इसका सही लेवल में होना बेहद जरूरी है. अगर ब्रेक फ्लूइड कम हो जाए, तो ब्रेक की पकड़ कमजोर पड़ सकती है और खतरे वाली स्थिति में ब्रेक ठीक से काम भी नहीं कर सकते.
समय के साथ ब्रेक पैड के घिसने या सिस्टम में हल्की-फुल्की लीकेज की वजह से ब्रेक फ्लूइड धीरे-धीरे कम हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ब्रेक फ्लूइड का लेवल समय-समय पर जरूर चेक करते रहें और रेगुलर सर्विस के दौरान इसे बदलवाना भी न भूलें.
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