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राजनाथ ने बुद्ध की प्रतिकृति स्थापित करने की इच्छा जताई

Updated at : 24 Jul 2013 11:42 AM (IST)
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राजनाथ ने बुद्ध की प्रतिकृति स्थापित करने की इच्छा जताई

वाशिंगटन : भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बमियान बुद्ध की प्रतिकृति स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है. कुशीनगर में ही गौतम बुद्ध को उनकी मृत्यु के पश्चात परिनिर्वाण प्राप्त हुआ था.सिंह इस वक्त अमेरिका की पांच दिवसीय यात्र पर हैं. फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड डायस्पोरा स्टडीज., अमेरिका भारत राजनैतिक […]

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वाशिंगटन : भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बमियान बुद्ध की प्रतिकृति स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है. कुशीनगर में ही गौतम बुद्ध को उनकी मृत्यु के पश्चात परिनिर्वाण प्राप्त हुआ था.सिंह इस वक्त अमेरिका की पांच दिवसीय यात्र पर हैं. फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड डायस्पोरा स्टडीज., अमेरिका भारत राजनैतिक कार्रवाई समिति(यूएस इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी )और अमेरिकी विदेश नीति परिषद(अमेरिकन फॉरेन पॉलिसी काउंसिल )द्वारा कल कैपिटॅल हिल में संयुक्त रुप से आयोजित अफगान नीति पर अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की.

बमियान बुद्ध वास्तव में छठी शताब्दी की बुद्ध की दो प्रतिमाएं हैं जिनमें बुद्ध खडे हुए हैं. इन प्रतिमाओं को मध्य अफगानिस्तान के हजारजत क्षेत्र में बमियान घाटी में एक चट्टान में उकेरा गई थीं. इन प्रतिमाओं को तालिबान ने अपने शासन के दौरान क्षतिग्रस्त कर दिया था.सिंह ने अफगानिस्तान में अपने भाषण में कहा, मैं इस बात पर ध्यान दिलाना चाहूंगा कि मैं भारत के सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री था तब ही वर्ष 2001 में अफगानिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक स्थल बमियान में तालिबान के कट्टरपंथी शासन के दौरान बौद्ध प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया था. भगवान बुद्ध की यह प्रतिमा विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा थी.

राजनाथ सिंह ने कहा, भारत और अफगानिस्तान के, संयुक्त वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए साझा प्रतिबद्धता के प्रतीक के तौर पर मैं बमियान बुद्ध की प्रतिमा की प्रतिकृति उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में स्थापित करवाना चाहता हूं. यह वही जगह है जहां भगवान को परिनिर्वाण प्राप्त हुआ था. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते बहुत पुराने हैं और बहुत मजबूत हैं.

उन्होंने कहा ‘ये रिश्ते हड़प्पा सभ्यता से चले आ रहे हैं, इन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार देखा और तुर्कों की तथा बाद में मुगलों की अगुवाई में भी ये रिश्ते समृद्ध हुए. भाजपा में हम दशकों पुराने इन रिश्तों को हमारे उत्तर पश्चिमी पड़ोसी के साथ दोस्ती की नींव के तौर पर खास महत्व देते हैं.

सिंह ने कहा पिछले तीन दशकों से अफगानिस्तान ने बहुत कठिन दौर देखा है. सोवियत संघ के साथ टकराव, इसके बाद तालिबान का दमनकारी शासन.. इन सबके चलते अफगानिस्तान के लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग अब शांति और स्थिरता चाहते हैं.

स्थिरता, शांति और लोकतंत्र की स्थापना में अफगानिस्तान को पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा ‘लोकतांत्रिक और प्रगतिशील अफगानिस्तान की स्थापना करने के उनके प्रयासों की हम सराहना करते हैं. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर भारत हमेशा अफगानिस्तान के लोगों की आगे बढ़ने में मदद करेगा.

उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश है और मुझे पूरा विश्वास है कि लोकतांत्रिक देश के निर्माण की प्रक्रिया में वह अफगानिस्तान का साथ देगा.

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