X पर अल्लाहु अकबर नहीं, अब दिख रहा शेर-और-सूर्य, विरोध प्रदर्शनों के बीच एलन मस्क ने बदल दिया ईरान का झंडा

X Changed Iran’s Flag Symbol to Lion-and-Sun Emblem: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक डिजिटल बदलाव ने लोगों का ध्यान खींचा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने देश के आधिकारिक झंडे के इमोजी में बड़ा बदलाव किया है. प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरान के मौजूदा झंडे पर इस्लामिक निशान की जगह अब ऐतिहासिक शेर-और-सूर्य (लायन एंड सन) प्रतीक दिखाई देने लगा है.

X Changed Iran’s Flag Symbol to Lion-and-Sun Emblem: ईरान इस समय गहरे आर्थिक संकट और बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. महंगाई, मुद्रा अवमूल्यन और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुके हैं. इसी पृष्ठभूमि में एक डिजिटल बदलाव ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने देश के आधिकारिक झंडे के इमोजी में बड़ा बदलाव किया है. प्लेटफॉर्म पर ईरान के मौजूदा झंडे की जगह अब ऐतिहासिक शेर-और-सूर्य (लायन एंड सन) प्रतीक दिखाई देने लगा है. यह बदलाव शुक्रवार को यूजर्स की नजर में आया. यह अपडेट ऐसे वक्त सामने आया है, जब देश के अंदर हालात तनावपूर्ण हैं, कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियाँ लगाई गई हैं और राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है.

इस बदलाव के तहत 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अपनाए गए झंडे के लाल प्रतीक को हटाकर उस शेर-और-सूर्य चिन्ह को बहाल किया गया है, जो सदियों तक ईरान की राजशाही पहचान का हिस्सा रहा था. शेर-और-सूर्य का प्रतीक 1979 की इस्लामिक क्रांति तक आधिकारिक रूप से इस्तेमाल होता रहा था. शाह के सत्ता से हटने के बाद ईरान के नए धार्मिक नेतृत्व ने इसे मौजूदा इस्लामिक गणराज्य के प्रतीक से बदल दिया और झंडे की हरी व लाल धारियों पर कूफी लिपि में “अल्लाहु अकबर” लिखवाया गया. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने इस बदलाव पर काम करने की पुष्टि भी की है. कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट निकिता बीयर ने गुरुवार रात संकेत दिया था कि एक यूजर के अनुरोध के बाद इस इमोजी अपडेट पर काम शुरू किया गया. इसके अगले ही दिन संशोधित इमोजी पूरे प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने लगा. यह परिवर्तन पूरे प्लेटफॉर्म पर लागू किया गया है. ईरानी सरकार और उससे जुड़े आधिकारिक अकाउंट्स, ईरानी अधिकारियों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों से जुड़े मीडिया आउटलेट, जैसे तसनीम न्यूज पर भी अब पूर्व-क्रांति वाला प्रतीक ही दिखाई दे रहा है. शुक्रवार शाम तक यह नया इमोजी सक्रिय हो चुका था और ईरान के विदेश मंत्रालय के अकाउंट पर भी यही प्रतीक दिखने लगा.

अब ऐसा नजर आ रहा ईरानी विदेश मंत्रालय के अकाउंट पर लगा ईरान का झंडा.

2 हफ्ते पहले शुरू हुआ प्रदर्शन

ईरान में पिछले साल 28 दिसंबर को प्रदर्शन शुरू हुए थे. मुद्रा गिरने के खिलाफ शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गया है. इसी मौके पर ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने भी लोगों से अपील की. उन्होंने ईरानी लोगों को बहादुर बताया और सड़क पर संघर्ष का आह्वान किया. इसी दौरान राजशाही समर्थक संगठनों और मौजूदा शासन के विरोध में खड़े ईरानी प्रवासी समुदाय के कुछ वर्गों द्वारा यह शेर-और-सूर्य वाला झंडा लहराया गया. विरोध प्रदर्शनों में कई जगहों पर झंडे के साथ राजशाही की वापसी की मांग वाले नारे भी लगाए गए. 

अब तक मारे गए 60 से ज्यादा लोग

इमोजी में यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है, जब ईरानी प्रशासन देश के कई हिस्सों में सख्त इंटरनेट नियंत्रण लागू कर रहा है, लेकिन विरोध प्रदर्शन लगातार नए इलाकों तक फैलते जा रहे हैं. स्वतंत्र रूप से काम करने वाले कुछ ह्यूमन राइट्स ग्रूप ने इस आंदोलन में अब तक 60 से अधिक मौतों का अंदेशा जताया है, जबकि अर्ध-सरकारी तसनीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि हालिया हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी मारे गए हैं.

ट्रंप ने फिर दी कार्रवाई की धमकी

इसी बीच शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी. देश के कई शहरों में प्रदर्शनों के वीडियो सामने आने के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर “बहुत करीबी नजर” बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को वहां मारेगा, जहां उसे सबसे ज्यादा चोट होगी.  ईरानी सरकार भी लगातार घर के अंदर और घर के बाहर लोहा ले रही है.

खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने का दिया आदेश

टीवी संबोधन में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने साफ कहा कि वह किसी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. वहीं, सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” करार दिया है. ऐसी भाषा अक्सर और कड़े दमन की भूमिका तैयार करती है. ईरान पहले भी 2022 के प्रदर्शन को झेल चुका है, जब महसा अमीनी नाम की लड़की की हिजाब न पहनने के चलते पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी. यह प्रदर्शन उसी तरह की उग्रता की ओर बढ़ रहे हैं. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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