UN में भारत ने कर दी बोलती बंद, कहा- 'ला-ला लैंड' में जी रहा है पाकिस्तान

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए साफ-साफ कहा कि वह 'ला-ला लैंड' में जी रहा है. अनुपमा सिंह के अनुसार, जम्मू-कश्मीर का विकास बजट पाक के IMF कर्ज से भी दोगुना है. 25 फरवरी को हुए इस तीखे पलटवार में भारत ने साफ कर दिया कि कश्मीर का विलय अटल है और पाकिस्तान को कब्जे वाले हिस्से खाली कर देने चाहिए.

UN मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 61वें सेशन में भारत ने पाकिस्तान को उसकी असलियत दिखा दी है. 23 फरवरी से 31 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम में, 25 फरवरी को भारत की प्रतिनिधि अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान के हर झूठ का करारा जवाब दिया. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान सिर्फ प्रोपेगेंडा फैलाने में लगा है, जबकि हकीकत में जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है.

एक ही बात को बार-बार दोहराना बंद करे पाकिस्तान

अनुपमा सिंह ने ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. भारत के अनुसार, OIC अब सिर्फ एक देश (पाकिस्तान) की बातें दोहराने वाला प्लेटफॉर्म बन गया है. सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का बार-बार झूठ बोलना अब जलन जैसा लगने लगा है.

कश्मीर हमारा था और हमेशा रहेगा

भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया. अनुपमा सिंह के अनुसार, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा. उन्होंने बताया कि 1947 में भारत के साथ कश्मीर का विलय (Accession) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह कानूनी और पक्का था. भारत का कहना है कि असली विवाद सिर्फ उस हिस्से को लेकर है जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है, और पाकिस्तान को वह जगह खाली कर देनी चाहिए.

चेनाब ब्रिज अगर फेक है, तो पाकिस्तान सपने देख रहा है

भारत ने अपनी बात को साबित करने के लिए विकास का उदाहरण दिया. उन्होंने चेनाब रेल ब्रिज (चेनाब रेल ब्रिज) का जिक्र किया, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है. सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि अगर पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर में बना यह ब्रिज नकली लगता है, तो शायद वह ‘ला-ला लैंड’ (काल्पनिक दुनिया) में रह रहा है या उसे भ्रम हो रहा है.

कश्मीर का बजट पाकिस्तान के IMF कर्ज से बड़ा

भारत ने डेटा के जरिए पाकिस्तान की आर्थिक हालत पर भी चोट की. सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर का डेवलपमेंट बजट, पाकिस्तान द्वारा हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से मांगे गए बेलआउट पैकेज (कर्ज) से भी दोगुने से ज्यादा है. भारत के अनुसार, एक तरफ जम्मू-कश्मीर में तेजी से तरक्की हो रही है, वहीं पाकिस्तान अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकाम है.

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लोकतंत्र पर लेक्चर देना बंद करे पाकिस्तान

जब पाकिस्तान ने कश्मीर में लोकतंत्र पर सवाल उठाए, तो भारत ने उसे आईना दिखाया. अनुपमा सिंह ने कहा कि ऐसे देश से लोकतंत्र पर ज्ञान लेना मुश्किल है जहां चुनी हुई नागरिक सरकारें शायद ही कभी अपना कार्यकाल पूरा कर पाती हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के चुनावों में लोगों ने भारी वोटिंग करके आतंकवाद और हिंसा को नकार दिया है और विकास को चुना है.

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आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश

अपनी बात खत्म करते हुए भारत ने पाकिस्तान पर तीखा आरोप लगाया. सिंह के अनुसार, पाकिस्तान राज्य प्रायोजित आतंकवाद (स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म) के जरिए इस क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने सलाह दी कि पाकिस्तान को दुनिया के सामने ड्रामा करने के बजाय अपने देश के अंदर चल रहे गहरे संकट को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए. भारत ने साफ कहा कि पूरी दुनिया पाकिस्तान की इस चालबाजी को समझ चुकी है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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