उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने साफ कर दिया है कि उनका पूरा फोकस अब देश के परमाणु हथियारों (Nuclear Arsenal) को बढ़ाने पर है. वर्कर्स पार्टी के नौवें कांग्रेस (Ninth Congress) के दौरान किम ने कहा कि उनका इरादा परमाणु ताकत को और मजबूत करना है. KCNA (स्टेट मीडिया) के मुताबिक, किम अब ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे जिनसे न केवल न्यूक्लियर बमों की संख्या बढ़े, बल्कि उन्हें चलाने के हाई-टेक तरीके भी विकसित हों.
अमेरिका के लिए ‘वेट एंड वॉच’ वाली स्थिति
वॉशिंगटन के साथ रिश्तों पर किम ने गेंद अमेरिका के पाले में डाल दी है. उन्होंने कहा कि रिश्ते सुधरेंगे या नहीं, यह पूरी तरह अमेरिका के एटीट्यूड पर निर्भर करता है. किम ने शर्त रखी है कि अगर अमेरिका अपनी ‘दुश्मनी वाली नीति’ छोड़ता है और उत्तर कोरिया के मौजूदा स्टेटस का सम्मान करता है, तो दोस्ती मुमकिन है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के पिछले साल के डेटा के अनुसार, उत्तर कोरिया के पास करीब 50 वॉरहेड्स हैं और इतना मटेरियल है कि वे 40 और बना सकें.
दक्षिण कोरिया अब ‘दुश्मन नंबर 1’
किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया को लेकर अपने तेवर अब तक के सबसे कड़े कर लिए हैं. उन्होंने दक्षिण कोरिया को ‘सबसे बड़ा दुश्मन’ घोषित करते हुए कहा कि अब उनसे बातचीत का कोई मतलब नहीं है. किम ने यहां तक कह दिया कि अगर दक्षिण कोरिया ने कोई भी ‘अजीब हरकत’ की, तो उत्तर कोरिया मनमानी कार्रवाई कर सकता है और दक्षिण कोरिया पूरी तरह तबाह भी हो सकता है. स्टिम्सन सेंटर की सीनियर फेलो रेचेल मिनयंग ली का मानना है कि इस चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि किम का निशाना अब सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया है.
फ्यूचर वेपन्स और AI पर फोकस
इस मीटिंग में किम ने केवल पुराने हथियारों की बात नहीं की, बल्कि आने वाले समय के लिए एक खतरनाक लिस्ट तैयार की है. इसमें शामिल हैं:
- पानी के अंदर से लॉन्च होने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM).
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाले अटैक सिस्टम.
- हथियारबंद ड्रोन और दुश्मन के सैटेलाइट को गिराने वाले वेपन्स.
किम जोंग उन के साथ बेटी जू ऐ भी आईं नजर
प्योंगयांग में हुई मिलिट्री परेड में किम जोंग उन के साथ उनकी बेटी जू ऐ (Ju Ae) भी नजर आईं. उनकी उम्र करीब 13 साल बताई जा रही है. जानकारों का कहना है कि किम अपनी बेटी को बार-बार दुनिया के सामने लाकर यह संकेत दे रहे हैं कि वही उनकी उत्तराधिकारी (सक्सेसर) हो सकती हैं.
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रूस-चीन कनेक्शन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किम फिलहाल रूस के साथ अपनी दोस्ती गहरी कर रहे हैं और यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की मदद के लिए सैनिक और हथियार भी भेज रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, ऐसी चर्चा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच चीन यात्रा के दौरान किम से मिल सकते हैं. दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी भी इस मुलाकात की संभावना जता रही है.
साउथ कोरिया का जवाब
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने गुरुवार को कहा कि शांति के लिए भरोसा बनाना जरूरी है. उन्होंने माना कि सालों की दुश्मनी एक दिन में खत्म नहीं हो सकती, लेकिन स्थिरता के लिए कोशिशें जारी रखनी होंगी.
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