US Revokes Iranians Visa: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने ईरान से जुड़े कम से कम चार नागरिकों के ग्रीन कार्ड/वीजा रद्द कर दिए. इनमें वर्तमान या पूर्व ईरानी सरकार से संबंध रखने वाले लोग शामिल हैं. दो व्यक्तियों को आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है. इन दोनों को जल्द ही अमेरिका से निर्वासित किया जाएगा.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुद्स फोर्स का नेतृत्व करने वाले जनरल कासिम सुलेमानी की एक रिश्तेदार एवं उसकी बेटी अमेरिका को पकड़ा गया है. दोनों को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (ICE) ने हिरासत में लिया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि कासिम सुलेमानी की भतीजी हमीदेह सुलेमानी अफशार और उनकी बेटी को देश से निकाले जाने (डिपोर्ट) का सामना करना पड़ रहा है. हमीदा सुलेमानी अफशार और उनकी बेटी के ग्रीन कार्ड की अवधि अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा समाप्त किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सुलेमानी अफशार ईरान के तानाशाही, आतंकवादी शासन की मुखर समर्थक हैं. अफशार के पति के भी अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध है.
ईरान सरकार का समर्थन करने का आरोप
इस फैसले की घोषणा करते हुए रुबियो ने अफशार पर ईरानी सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहते हुए उसने ईरानी शासन के प्रचार को बढ़ावा दिया, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर हमलों का जश्न मनाया, नए ईरानी सुप्रीम लीडर की प्रशंसा की, अमेरिका को ‘ग्रेट सैटन’ कहा और आतंकी संगठन घोषित किए गए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का खुलकर समर्थन किया.
रुबियो ने कहा कि उसने इंस्टाग्राम पर ईरान के आतंकवादी शासन के लिए यह प्रचार किया, हालांकि, अब इन पोस्ट्स को डिलीट कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि अफशार ऐसे विचार व्यक्त करते हुए भी लॉस एंजिलिस (अमेरिका) में आलीशान जीवन जी रही थी.
रुबियो ने सोशल मीडिया एक्स पर भी इस मुद्दे पर अपडेट दिया. उन्होंने लिखा, ‘हाल तक हमीदेह सुलेमानी अफशार और उनकी बेटी अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारक के रूप में रह रही थीं. इस सप्ताह मैंने दोनों की कानूनी स्थिति समाप्त कर दी है और अब वे ICE की हिरासत में हैं. उन्हें अमेरिका से निकाला जाएगा.’ रुबियो यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन हमारे देश को ऐसे विदेशी नागरिकों का घर नहीं बनने देगा जो अमेरिका-विरोधी आतंकी शासन का समर्थन करते हैं.
टूरिस्ट और स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं दोनों रिश्तेदार
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अनुसार, ये दोनों महिलाएं 2015 में अलग-अलग अमेरिका आई थीं. अफशार टूरिस्ट वीजा पर और कासिम सुलेमानी की बेटी स्टूडेंट वीजा पर आई थीं. अफशार ने 2025 में नागरिकता के लिए आवेदन किया था और ईरान की कई यात्राओं का खुलासा किया था. कार्यवाहक सहायक होमलैंड सिक्योरिटी निदेशक लॉरेन बिस ने कहा कि ईरान की उनकी यात्राएं यह दिखाती हैं कि उनका शरण (असाइलम) का दावा फर्जी था.
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कौन था कासिम सुलेमानी?
कासिम सुलेमानी ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख थे और 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे. यह घटना आज भी दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर रही है. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने जब इस युद्ध को लेकर पहली बार देश के नाम संबोधन दिया था, तब भी उन्होंने कासिम का जिक्र किया था.
लारिजानी की बेटी और दामाद के वीजा निरस्त
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट (विदेश मंत्रालय) के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल में फातिमा अर्देशीर-लारिजानी का वीजा भी रद्द कर दिया था. वह ईरान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अली लारिजानी की बेटी हैं. अली लारिजानी पिछले महीने अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में मारे गए थे. फातिमा के पति सैयद कलंतर मोतामेदी का वीजा भी रद्द कर दिया गया है. दोनों फिलहाल अमेरिका में नहीं हैं.
