क्या अमेरिका ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने के लिए कर रहा है JASSM-ER मिसाइल की तैनाती?

JASSM-ER Missile : ईरान युद्ध को अमेरिका अब लो रिस्क रणनीति से आगे लेकर जा रहा है, जहां वह JASSM-ER मिसाइल की तैनाती करके युद्ध को आक्रामक रूप दे रहा है. अमेरिका की यह रणनीति विश्व के लिए तो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि अमेरिका के आक्रामक रवैये से युद्ध और बढ़ेगा और संभव है कि अन्य देश भी इस युद्ध के लपेटे में आ जाएं.

JASSM-ER Missile : 28 फरवरी से हुआ ईरान, अमेरिका और इजरायल युद्ध अब बहुत ही खतरनाक दौर में पहुंच गया है, जहां अमेरिका आर या पार की लड़ाई के मूड में है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अप्रैल की शुरुआत में यह कहा है कि वह ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की तैयारी कर चुका है और जल्दी ही उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी. ट्रंप के इस बयान को इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका ने अपनी अत्याधुनिक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल (JASSM-ER missile) को तैनात करना शुरू कर दिया है. यह जानकारी ब्लूमबर्ग अखबार के जरिए सामने आई है. आइए समझते हैं अमेरिका ने अपनी रणनीति में अचानक बदलाव क्यों किया और क्या है JASSM-ER मिसाइल की खूबियां-

क्या है JASSM-ER मिसाइल की खासियत?

Jassm-er मिसाइल की खूबियां

JASSM-ER (Joint Air-to-Surface Standoff Missile-Extended Range) मिसाइल एक स्टील्थ क्रूज मिसाइल है. इस मिसाइल की डिजाइन लंबी दूरी से सटीक हमला करने के लिए की गई है. यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम से बचते हुए अपने लक्ष्य को निशाना बनाता है.इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी इसकी स्टैंडऑफ क्षमता है, जिसके दम पर यह मिसाइल दुश्मन की सीमा में घुसे बिना ही लॉन्च किया जा सकता है. यह एक स्टील्थ मिसाइल है जिसका अर्थ यह है कि इसे दुश्मन के रडार पकड़ नहीं पाते हैं, यह आसानी से दिखने वाली मिसाइल नहीं है. इसका रेंज 965 किलोमीटर तक है. यह मिसाइल अपने टारगेट को नष्ट करने में बहुत ही सटीक है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी यह भी है कि अगर इसे फायर कर दिया और टारगेट अपने स्थान से हिल जाए, तब भी यह उसे निशाना बनाती है,मिसाइल अपने टारगेट तक पहुंचने के लिए खुद को गाइड कर सकती है.

  • मिसाइल की रेंज: करीब 965 किलोमीटर की रेंज
  • लॉन्च प्लेटफॉर्म: B-52, B-1B बॉम्बर और फाइटर जेट
  • खासियत: लो-ऑब्जर्वेबल (स्टील्थ), उच्च सटीकता, गाइडेड टारगेटिंग
  • कीमत: करीब 1.5 मिलियन डॉलर प्रति मिसाइल

अमेरिका ने क्यों बदली ईरान युद्ध की रणनीति

ईरान युद्ध जब शुरू हुआ था, उस वक्त अमेरिका ने युद्ध को सीमित रखने का फैसला किया था. वे सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे थे, लेकिन ईरान की आक्रामक रणनीति की वजह से अमेरिका के दो लड़ाकू विमान F-15E और A-10 को मार गिराया गया. ईरान के इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति बौखला गए और उन्होंने ईरान को स्टोन एज में पहुंचाने की धमकी दे दी. इस धमकी का मूल यह है कि अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है. JASSM-ER मिसाइलों की तैनाती इसलिए की जा रही है कि अमेरिका को भारी नुकसान से बचाया जा सके.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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