Kuwait Oil Complex Fire: कुवैत के शुवैख ऑयल सेक्टर कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन हमला हुआ है. अल जजीरा ने कुवैत की सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि रविवार को हुए इस हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई. गनीमत यह रही कि इस धमाके में कोई घायल नहीं हुआ है. कुवैत की न्यूज एजेंसी KUNA के मुताबिक, फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमें आग बुझाने और तेल के अड्डों को बचाने में जुटी हैं.
कुवैत में बिजली और पानी का संकट
ईरानी ड्रोन हमलों का असर कुवैत की बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है. कुवैत के बिजली, पानी और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने बताया कि दो पावर और वॉटर प्लांट पर हुए हमले के बाद बिजली बनाने वाली दो यूनिट्स बंद हो गई हैं. टेक्निकल टीमें हालात को संभालने और सप्लाई जारी रखने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं.
UAE के एल्युमीनियम कारोबार पर भी हमला
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने सिर्फ कुवैत ही नहीं बल्कि यूएई (UAE) में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ईरान ने अपने ‘अराश 2’ ड्रोन से उन रडार सिस्टम को उड़ा दिया, जो मिसाइलों की पहचान करते हैं. इसके अलावा यूएई की एल्युमीनियम इंडस्ट्री पर भी हमला किया गया है. ईरान का दावा है कि इस इंडस्ट्री में अमेरिका और इजरायल ने काफी पैसा लगाया है और इसका इस्तेमाल युद्ध के सामान बनाने में होता है.
6 हफ्ते से चल रही है ‘टेरर वॉर’
ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच यह लड़ाई पिछले 6 हफ्तों से जारी है. प्रेस टीवी के मुताबिक, इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी 2024 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया था, जिसमें आयतुल्लाह अली खामेनेई की जान चली गई थी. ईरान इन हमलों को ‘आतंकी युद्ध’ कह रहा है और उसका कहना है कि वह अपने इंडस्ट्रियल हब पर हुए हमलों का बदला ले रहा है.
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ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी को ठुकराया
इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान में जुबानी जंग भी तेज हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. हालांकि, तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. ईरान ने ट्रंप की इस चेतावनी को ‘बेवकूफी भरा और घबराहट में उठाया गया कदम’ बताया है. फिलहाल ईरान की सेना कुवैत में उन अमेरिकी कमांड सेंटर्स को टारगेट कर रही है, जहां से टैंक और हेलीकॉप्टर यूनिट्स को कंट्रोल किया जाता है.
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