ग्रीनलैंड पर विवाद खड़ा कर ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल?

डोनाल्ड ट्रंप दावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम 2026 के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. यह पांच दिवसीय यह शिखर सम्मेलन 19 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगा. यह पांच प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के इर्द-गिर्द डिजाइन किया गया है.

अमेरिका को दुनिया की तमाम वैश्विक संस्थाओं (66 इंस्टीट्यूशंस) से बाहर निकालने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्जरलैंड जाने वाले हैं. उन्होंने ग्रीनलैंड को लेने के अपने इरादे से पूरे यूरोप को मुश्किल में डाल दिया है. उनकी वजह से NATO में भी दरार पड़ रही है. इसी बीच अब वह 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल होंगे. WEF ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह घोषणा की. उसने यह याद दिलाया कि ट्रंप ने 2025 में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के महज तीन दिन बाद ही फोरम को संबोधित किया था. विश्व आर्थिक मंच की यह बैठक 19 से 23 जनवरी तक आयोजित की जाएगी. इस दौरान सरकार, व्यापार जगत, नागरिक समाज और शिक्षा जगत से जुड़े विश्व नेता दावोस में एकत्र होंगे, ताकि वैश्विक मुद्दों पर दूरदर्शी चर्चा की जा सके और भविष्य की प्राथमिकताएं तय की जा सकें.

WEF के इस कार्यक्रम को पांच प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के इर्द-गिर्द डिजाइन किया गया है. इनमें प्रगति के लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) की भागीदारी के साथ सार्वजनिक-निजी संवाद और सहयोग आवश्यक माना गया है. इन चुनौतियों से निपटने में विकास, लचीलापन और नवाचार (इनोवेशन) को प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में रखा जाएगा, ताकि नेता आज की जटिलताओं को समझते हुए कल के अवसरों की ओर बढ़ सकें. 

पांच दिवसीय यह शिखर सम्मेलन 23 जनवरी तक चलेगा. यह ‘संवाद की भावना (A Spirit of Dialogue)’ विषय के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें विवादग्रस्त वैश्विक माहौल में सहयोग, नवाचार-आधारित विकास और समावेशी प्रगति (इनक्लूसिव प्रोग्रेस) पर विशेष जोर दिया जाएगा. इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सहयोगात्मक चर्चा और रणनीतिक सहभागिता के माध्यम से वैश्विक आर्थिक (ग्लोबल इकॉनमी), भू-राजनीतिक (जियो पॉलिटिक्स), तकनीक (टेक्नोलॉजी) और सामाजिक चुनौतियों से निपटना है. 

कौन-कौन शामिल होगा इस सम्मेलन में?

WEF के अनुसार, 130 से अधिक देशों से लगभग 3,000 नेताओं के इसमें भाग लेने की उम्मीद है. यह इस मंच के इतिहास की सबसे बड़ी और उच्च-स्तरीय बैठकों में से एक होने वाली है. इनमें करीब 400 वरिष्ठ राजनीतिक नेता, लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख, और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के G7 समूह के छह नेता शामिल होंगे. राजनीतिक नेताओं के अलावा, फोरम के एजेंडे में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे. इनमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस शामिल हैं, जो इस आयोजन के व्यापक बहुपक्षीय दृष्टिकोण को दर्शाता है.

ANI के इनपुट के साथ.

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Published by: Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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