UN सुरक्षा परिषद मीटिंग में पहुंची ट्रंप की पत्नी, बच्चों की सुरक्षा पर बोलीं; ईरान ने बताया ढोंग

Melania Trump Chairs UN Security Council Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बच्चों की सुरक्षा पर केंद्रित बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है. इस हमले में एक स्कूल में 153 लड़कियां मारी गई हैं.

Melania Trump Chairs UN Security Council Meeting: ईरान के साथ जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सोमवार को एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर जारी हमलों तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के माहौल में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों की स्थिति पर केंद्रित थी. यह एक ऐसा मुद्दा जिसे मेलानिया ट्रंप अपने प्रमुख अभियानों में शामिल करती रही हैं. वहीं यूएन सिक्योरिटी काउंसिल वैश्विक शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान देती है. यह यूएन की 10,113वीं बैठक थी.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मेलानिया ट्रंप वैश्विक संस्था के सबसे शक्तिशाली निकाय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करने वाली ऐसी पहली महिला बनीं, जो किसी मौजूदा विश्व नेता की पत्नी हैं. बैठक का आधिकारिक शीर्षक था, ‘संघर्ष में बच्चे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा.’ हालांकि, इसकी टाइमिंग ने इसे और अधिक राजनीतिक महत्व दे दिया, क्योंकि उसी समय अमेरिका, इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है.

यह अवसर उन्हें इसलिए मिला क्योंकि अमेरिका मार्च महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है. परंपरागत रूप से इस पद पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी बैठते रहे हैं. न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय पहुंचने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने उनका स्वागत किया. मेलानिया ने सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से हाथ मिलाया और सामूहिक तस्वीर खिंचवाई.

पहले भी बच्चों के मुद्दे उठा चुकी हैं मेलानिया

मेलानिया ट्रंप लंबे समय से संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों के मुद्दे को प्राथमिकता देती रही हैं. पिछले वर्ष उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखकर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान विस्थापित बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने की पहल का समर्थन किया था.

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ईरान ने मीटिंग को बताया शर्मनाक और पाखंड

हालांकि इस बैठक से पहले ही विवाद खड़ा हो गया था. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इसे ‘शर्मनाक और पाखंडी’ करार दिया. उनका कहना था कि अमेरिका एक ओर बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा कर रहा है, जबकि दूसरी ओर ईरानी शहरों पर हवाई हमले कर रहा है. 28 फरवरी को ईरान में अमेरिका और इजरायल के साझा हमले में लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल गिरी. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस अटैक में अब तक 153 लड़कियों की मौत हो चुकी है. वहीं राजदूत इरावानी ने कहा कि अब तक 165 लड़कियां मारी गई हैं. 

यूएन और यूनेस्को ने की अमेरिकी आक्रामकता की निंदा

इससे पहले शनिवार को हुई आपात बैठक में महासचिव गुतारेस ने ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था और साथ ही ईरान की जवाबी कार्रवाई की भी निंदा की थी. वहीं, यूनीसेफ ने इस युद्ध से उठी चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिडिल ईस्ट में बच्चों के लिए खतरनाक पल है. 

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ट्रंप छोड़ चुके हैं यूएन की कई संस्थाएं

यह पूरी कवायद ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों, जैसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और यूनेस्को में अमेरिका की भागीदारी घटाई है, जिससे संयुक्त राष्ट्र के समक्ष वित्तीय संकट और गहरा गया है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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