पीस डील की चर्चा के बीच अमेरिका का ईरान पर अटैक, होर्मुज के पास नावें और मिसाइल साइट्स बने निशाना, फिर जंग शुरू!

US Attacked Iran: अमेरिका ने शांति वार्ता की चर्चा के बीच दक्षिणी ईरान में सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक करते हुए मिसाइल लॉन्च साइट और IRGC की नावों को निशाना बनाया. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए इन हमलों में बारूदी सुरंगों को नष्ट करने का दावा किया गया. इन धमाकों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को नष्ट करने की मांग दोहराई.

US Attacked Iran: दक्षिणी ईरान में सोमवार को हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिका ने इसे अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया ‘सेल्फ-डिफेंस’ कदम बताया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने अमेरिकी मीडिया को दिए बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में उन ठिकानों पर हमला किया, जहां से अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा हो रहा था. उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौकाएं रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं. 

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम वार्ता में कुछ प्रगति देखने को मिली है. ऐसे में यह डर बना हुआ है कि कहीं युद्ध फिर से न शुरू हो जाए. कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक कार्रवाई के दौरान मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया गया. हॉकिन्स ने कहा कि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद अमेरिकी सेना अपने जवानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है और संयम के साथ जवाब दे रही है. 

IRGC की बारूदी सुरंगों को किया गया नष्ट

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन से पहले अमेरिका ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की दो नौकाओं को जलडमरूमध्य में माइन बिछाते हुए देखा था. इसके बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की. अधिकारी के मुताबिक इसी दौरान बंदर अब्बास में मौजूद एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने की कोशिश की. इसके बाद अमेरिकी सेना ने उस मिसाइल सिस्टम पर भी हमला कर दिया. 

ईरान का दावा: मारे गए कई लोग

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन ‘डिफेंसिव स्ट्राइक’ में ईरानी नौकाएं और मिसाइल साइट दोनों पूरी तरह नष्ट कर दिए गए. हालांकि मीडिया से बात करने वाले दो अन्य सूत्रों ने कहा कि यह कार्रवाई सीमित दायरे में थी और इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान के साथ चल रहा युद्धविराम खत्म हो गया है. वहीं ईरानी मीडिया के अनुसार, लारक द्वीप पर हुए इस हमले में कई मौतें हुई हैं. इनमें से तीन की पहचान कर ली गई है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह सेना से जुड़े हुए लोग थे या आम नाविक. 

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अन्य इलाकों में भी विस्फोट की खबरें

इसी बीच सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई इलाकों में धमाकों की खबरें भी सामने आईं. ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास में विस्फोट होने की पुष्टि की, जबकि दक्षिणी तट के पास स्थित सिरिक और जास्क क्षेत्रों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. बाद में अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि फिलहाल यह सैन्य कार्रवाई समाप्त हो चुकी है.

इन इलाकों में पहले भी किए गए थे हमले

युद्धविराम के दौरान इससे पहले भी अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच कई बार तनावपूर्ण घटनाएं हो चुकी हैं. मई की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिन पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर ‘बिना उकसावे’ मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमले कराने का आरोप लगाया गया था.

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ट्रंप का ‘आदेश’: नष्ट किए जाएं ईरान के ‘न्यूक्लियर डस्ट’

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम यानी ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को या तो अमेरिका को सौंप दिया जाएगा ताकि उसे नष्ट किया जा सके, या फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में किसी सहमत स्थान पर नष्ट किया जाए.  ट्रंप ने कहा कि यह फैसला ईरान के साथ ‘साझा सहमति और सहयोग’ से लिया जाएगा. इसे दोनों देशों के बीच शांति समझौते की दिशा में ईरान के नरम रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. 

इससे पहले ट्रंप ने साथ ही मध्य पूर्व में इजरायल को मान्यता देने वाले अब्राहम अकॉर्ड्स के विस्तार की बात भी दोहराई. इसमें उन्होंने सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान का भी नाम लिया. यह चर्चा उस मीटिंग कॉल में हुई,जिसमें मध्यस्थ देशों के साथ ट्रंप बातचीत कर रहे थे. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में क्षेत्रीय शांति व्यवस्था के तहत ईरान को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.

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