ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों चीन के दौरे पर हैं और वहां से वे अच्छी खबरें लेकर आ रहे हैं. स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि उनकी इस ट्रिप का असली मकसद ब्रिटेन के लोगों की जेब और देश की इकोनॉमी को फायदा पहुंचाना है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि चीन के साथ अरबों पाउंड की नई एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट डील्स पक्की हो गई हैं.
व्हिस्की लवर्स के लिए खुशखबरी और बिजनेस में ‘बूम’
स्टार्मर ने अपनी पोस्ट में खास तौर पर ‘व्हिस्की इंडस्ट्री’ का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि चीन ने व्हिस्की पर लगने वाली टैरिफ (एक तरह का टैक्स) को आधा कर दिया है. स्टार्मर के मुताबिक, यह इस बात का सबूत है कि जब हम दुनिया से बातचीत करते हैं, तो उसका सीधा फायदा घर बैठे लोगों को मिलता है. उनका कहना है कि ब्रिटेन की ग्रोथ के लिए दुनिया की बड़ी ताकतों से हाथ मिलाना बहुत जरूरी है.
शी जिनपिंग के साथ ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ पर चर्चा
बीजिंग में स्टार्मर की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई. दोनों लीडर्स ने एक लंबी और मजबूत पार्टनरशिप बनाने की बात कही. चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शी ने ब्रिटेन के साथ एजुकेशन और फाइनेंस जैसे सेक्टर में मिलकर काम करने पर जोर दिया है. साथ ही, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोसाइंस और क्लीन एनर्जी जैसे फ्यूचरिस्टिक टॉपिक्स पर भी साथ रिसर्च करने की सलाह दी है.
पुरानी कड़वाहट और विवादों पर भी हुई ‘सीधी बात’
यह दौरा आसान नहीं था क्योंकि 2018 के बाद पहली बार कोई ब्रिटिश प्रधानमंत्री चीन गया है. अल जजीरा के मुताबिक, 2019 में हॉन्ग कॉन्ग में हुए विरोध प्रदर्शनों और वहां की सख्ती के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में काफी खिंचाव था. इसके अलावा, ब्रिटिश नागरिक और मीडिया टायकून जिमी लाई की गिरफ्तारी को लेकर भी ब्रिटेन नाराज रहा है.
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति शी के सामने मानवाधिकारों (Human Rights) और जिमी लाई का मुद्दा पूरी इज्जत के साथ उठाया. उन्होंने साफ किया कि दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन जहां मतभेद हैं, वहां वे ब्रिटेन का पक्ष रखने से पीछे नहीं हटेंगे.
बजट-26 की हर परत का विश्लेषण
ट्रंप फैक्टर: क्यों नए दोस्त ढूंढ रहा है ब्रिटेन?
ब्रिटेन का अमेरिका के साथ ‘स्पेशल रिश्ता’ रहा है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों ने चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर और उन देशों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने की धमकी दी है जो उनके खिलाफ जाएंगे. ऐसे ग्लोबल प्रेशर के बीच, स्टार्मर अकेले नहीं हैं जो चीन की तरफ देख रहे हैं. फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, फिनलैंड और कनाडा के बड़े नेता भी हाल ही में चीन के साथ अपने इकोनॉमिक रिश्ते सुधारने की कोशिश कर चुके हैं.
ये भी पढ़ें:
