Turkey Earthquake: तुर्किये और सीरिया में भूकंप से अबतक 33 हजार से अधिक लोगों की मौत, शोक बदल रहा आक्रोश में

तुर्किये और सीरिया में 6 फरवरी को दो बड़े विनाशकारी भूकंप आये थे. जिसमें अबतक 33,179 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 92,600 से अधिक लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान अभी जारी है. मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए बचावकर्मी पिछले पांच दिन से कड़ाके की ठंड में लगातार मशक्कत कर रहे हैं.

सीरिया और तुर्किये में आये शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हजार से ज्यादा हो गयी है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएफआई के हवाले से आ रही है. इधर तुर्किये में भूकंप को लेकर शोक अब तनाव और आक्रोश का रूप लेता जा रहा है.

तुर्किये और सीरिया में भूकंप से अबतक 33,179 की मौत, 90 हजार से अधिक लोग घायल

तुर्किये और सीरिया में 6 फरवरी को दो बड़े विनाशकारी भूकंप आये थे. जिसमें अबतक 33,179 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 92,600 से अधिक लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान अभी जारी है. मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए बचावकर्मी पिछले पांच दिन से कड़ाके की ठंड में लगातार मशक्कत कर रहे हैं.

लोगों ने राहत-बचाव कार्य पर उठा रहे सवाल

33,179 से अधिक लोगों की जान लेने वाले विनाशकारी भूकंप के छह दिनों बाद लोगों में शोक और अविश्वास अब तनाव तथा आक्रोश में बदल गया है. लोगों का आरोप है कि ऐतिहासिक आपदा से निपटने में अप्रभावी, अनुचित और असंगत प्रयास किया जा रहा है. तुर्किये में बुहत से लोग अपनी हताशा व्यक्त कर रहे हैं कि बचाव अभियान निर्ममता की हद तक धीमी गति से चलाया गया जिससे मलबे के नीचे जीवित लोगों को खोजने के लिहाज से अहम समय बीत गया.

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भूकंप मामले में 130 से अधिक लोगों के खिलाफ जांच शुरू

तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप के छह दिनों बाद बचावकर्ताओं ने एक गर्भवती महिला और दो बच्चों समेत कुछ जीवित बचे लोगों को इमारतों के मलबे से निकाला. वहीं दूसरी ओर तुर्किये के न्याय अधिकारी अवैध निर्माण गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल 130 से अधिक लोगों की जांच कर रहे हैं.

बचाव कार्य में देरी और धीमी गति से चलाये जाने के पीछे लग रहे ऐसे आरोप

सीरियाई सीमा के पास दक्षिणी हाते प्रांत में लोगों ने आरोप लगाया कि तुर्किये सरकार ने सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में देरी की. उन्होंने संदेह जताया है कि ऐसा किये जाने की वजह राजनीतिक और धार्मिक दोनों थी. दक्षिण-पूर्वी तुर्किये के आदियामन में एलिफ बुसरा ओजटर्क शनिवार को एक इमारत के मलबे के बाहर इंतजार कर रही थीं, जहां उसके चाचा और चाची फंसे थे. वह कहती हैं, तीन दिनों से, मैंने बाहर मदद के लिए इंतजार किया. लेकिन कोई नहीं आया. वहां इतनी कम संख्या में बचाव टीम थीं कि वे केवल उन्हीं स्थानों पर हस्तक्षेप करती थीं, जहां उन्हें यकीन होता था कि कोई जीवित व्यक्ति है.

तुर्किये के राष्ट्रपति ने आरोप को बताया झूठा

तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन ने कहा कि भूकंप से प्रभावित 10 प्रांतों में राहत और बचाव कार्य जारी थे. उन्होंने सेना जैसे संस्थानों से कोई मदद नहीं मिलने के आरोपों को झूठा, फर्जी और बदनाम करने वाला बताया.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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