Tsunami: 14 साल बाद फिर दहशत में रूस और जापान, 2011 में भूकंप के बाद सुनामी ने मचाई थी तबाही

Tsunami: रूस के कामचटका में बुधवार को 8.8 तीव्रता का भूकंप आया. जिससे जापान और रूस में सुनामी का खतरा मंडराने लगा. भूकंप के कारण उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में सुनामी आ गई. जबकि अमेरिका के अलास्का, हवाई और न्यूजीलैंड के दक्षिण में इसकी चेतावनी जारी की गई. 1952 के बाद कामचटका में सबसे शक्तिशाली भूकंप आया, तो जापान में 2011 के बाद सबसे खतरनाक भूकंप के झटके महसूस किए गए.

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Tsunami: रूस के कामचटका में आये 8.8 तीव्रता के भूकंप से 14 साल के बाद फिर से रूस और जापान दहशत में है. रूस और जापान अमेरिका पर भी सुनामी का खतरा मंडराने लगा है. अमेरिका में हवाई की राजधानी होनोलूलू में सुनामी की चेतावनी के सायरन बजने लगे और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि लगभग 30 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी की पहली लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर स्थित नेमुरो तक पहुंच गई. यह भूकंप रूसी शहर पेत्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से लगभग 119 किलोमीटर दूर आया. इस शहर की आबादी 1,80,000 है.

14 साल पहले जापान में मची थी तबाही

जापान में आम तौर पर एक साल में 1000 से अधिक छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं. लेकिन 2011 में भूकंप के बाद सुनामी थी जो तबाही मचाई थी, उसे शायद ही कोई भूल पाएगा. 11 मार्च 2011 को तोहोकु (सेंडाइ) में 9.0 से 9.1 तीव्रता के भूकंप आए थे. यह जापान के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप था. भूकंप के कारण 40.5 मीटर तक सुनामी लहरें उठी थीं. जो तट से 10 किमी अंदर तक पहुंच गई थीं. सुनामी की वजह से फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रिसाव भी हुआ था. भूकंप और सुनामी की वजह से करीब 19,759 लोगों की मौत हुई थी. जबकि 6242 घायल हुए थे. 2553 लोग लापता भी हो गए थे. पिछले साल 1 जनवरी को भी जापान में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था. जिसमें 318 लोगों की मौत हुई थी और 1300 से अधिक लोग घायल हुए थे. 2004 में 9.1 से 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र इंडोनेशिया के सुमात्रा के पास था. जिससे जापान काफी हद तक प्रभावित हुआ था. 1000 से अधिक लोगों की जान गई थी.

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कामचटका में 73 साल बाद आया शक्तिशाली भूकंप

रूस के समित कामचटका में 73 साल के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली भूकंप आया है. 4 नवंबर 1952 में कामचटका में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था. जिसे रूस के इतिहास का सबसे भयंकर तूफान माना गया था. भूकंप के कारण 9.1 मिटर तक की सुनामी लहरें उठी थीं. उसके बाद रूस में कई भूकंप के झटके आए, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और नुकसान भी हुए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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