इस कम्यूनिस्ट देश को ‘प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी लिस्ट’ से हटाएंगे ट्रंप, पिछले दिनों 30+ अरब डॉलर का किया था सौदा

Donald Trump Vietnam Restricted Technology: अमेरिकी राष्ट्रपति कम्यूनिस्ट देश वियतनाम को प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेंगे. यह दावा किया है हनोई की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लाम ने. उन्होंने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की.

Donald Trump Vietnam Restricted Technology: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है. उनके 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत दुनिया के देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध करार देते हुए इसे रद्द करने का आदेश दिया है. ट्रंप की इस नीति पर बंदिश लगने के बाद वह आय के नए साधन खोज रहे हैं. इस सिलसिले में वह कम्यूनिस्ट देश वियतनाम से तकनीकों तक पहुंच से प्रतिबंधित करने वाला नियम हटाने जा रहे हैं. 

वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लाम ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की. दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी, जो शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को White House में हुई. इससे पहले मिस्टर लाम ने वॉशिंगटन में ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस की उद्घाटन बैठक में हिस्सा लिया था. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वियतनाम के शीर्ष नेता से कहा है कि ट्रंप संबंधित एजेंसियों को निर्देश देंगे ताकि वियतनाम को उन देशों की सूची से हटाया जा सके, जिन्हें उन्नत अमेरिकी तकनीकों तक पहुंच से प्रतिबंधित किया गया है. वियतनाम सरकार की समाचार वेबसाइट ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को यह जानकारी दी.

30+ अरब डॉलर के विमान खरीदेगा वियतनाम

यह बैठक 30 अरब डॉलर से अधिक के सौदों की घोषणा के बाद हुई, जिसके तहत वियतनाम की एयरलाइंस अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग (Boeing) से 90 विमान खरीदेंगी. इस सप्ताह वियतनाम की तीन एयरलाइनों ने अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनियों के साथ लगभग 37 अरब डॉलर के सौदों का ऐलान किया. नई एयरलाइन सन फू क्वोक एयरवेज ने Boeing के 40 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों का ऑर्डर दिया, जिसकी अनुमानित कीमत 22.5 अरब डॉलर है. वहीं राष्ट्रीय विमानन कंपनी वियतनाम एयरलाइंस ने करीब 50 बोइंग 737-8 विमानों के लिए 8.1 अरब डॉलर का ऑर्डर दिया.

वियतनाम पर ठोका था बंपर टैरिफ; बातचीत से सुलझा था मामला

अप्रैल में जब ट्रंप ने अपने तथाकथित ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ की घोषणा की थी, तब चीन और मेक्सिको के बाद वियतनाम का अमेरिका के साथ तीसरा सबसे बड़ा व्यापार अधिशेष था. इसी वजह से वियतनाम को भी ट्रंप के टैरिफ अभियान में ऊंची दरों का सामना करना पड़ा था. हालांकि जुलाई में हनोई ने वॉशिंगटन के साथ समझौता कर लिया, जिसके तहत 40% से ज्यादा टैरिफ घटाकर न्यूनतम 20% कर दिया गया. इसके बदले वियतनाम ने अमेरिकी उत्पादों, खासकर कारों, के लिए अपना बाजार खोलने पर सहमति दी.

ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का चाबुक चला

इसी बीच, US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ से जुड़े मामलों में फैसला सुनाया, जिसके बाद अमेरिका और वियतनाम के बीच चल रही लंबी व्यापार वार्ताओं पर भी असर पड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए कई व्यापक टैरिफ को अवैध करार दिया. हालांकि, शुक्रवार (20 फरवरी) को ही ट्रंप ने सभी देशों पर वैश्विक स्तर पर 10% टैरिफ को भी मंजूरी दे दी. 

ये भी पढ़ें:- क्या भारत अब US को नहीं देगा टैरिफ? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा: कुछ नहीं बदलेगा

ये भी पढ़ें:- दुनिया से वसूले 175 अरब डॉलर टैरिफ लौटाएगा US! सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश? ट्रंप ने कहीं ये बातें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >