ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके बेटे पर हमले की तैयारी? ट्रंप ने तैनात किए घातक फाइटर जेट्स

Trump Iran Strike Plan: ईरान और US के बीच तनाव बढ़ गया है, जिससे मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध के कगार पर आ गया है. प्रेसिडेंट ट्रंप के सामने खतरनाक मिलिट्री ऑप्शन रखे गए हैं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके वारिस को टारगेट करने का प्लान भी शामिल है. 2003 के बाद सबसे बड़ी US मिलिट्री तैनाती और फाइटर जेट्स को ग्राउंडेड करने के साथ, अब दुनिया ट्रंप के अगले फैसले पर नजर रख रही है.

Trump Iran Strike Plan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. हाल ही में एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को खत्म करने के लिए मिलिट्री ऑप्शन्स (सैन्य विकल्प) दिए गए हैं.

क्या है पूरा प्लान? ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट का खुलासा

एक्सियोस ने प्रशासन के सीनियर सोर्स के हवाले से बताया है कि ट्रंप के सामने कई प्लान रखे गए हैं. इनमें से एक प्लान ‘टारगेटेड स्ट्राइक’ का है, जिसमें खामेनेई, उनके बेटे और उनके खास सहयोगियों को निशाना बनाया जा सकता है. मोजतबा खामेनेई को उनके पिता का उत्तराधिकारी माना जाता है. ट्रंप के एक सीनियर एडवाइजर ने कहा है कि राष्ट्रपति ने अभी हमले का फाइनल फैसला नहीं लिया है. शायद वह कभी हमला न करें, या शायद कल सुबह उठकर वह कह दें कि बस अब बहुत हुआ.

ट्रंप की ‘स्ट्रैटेजिक एंबिग्यूटी’: सस्पेंस बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट (पेंटागन) ने हर स्थिति के लिए अलग-अलग प्लान तैयार कर लिए हैं. एक एडवाइजर ने बताया कि ट्रंप जानबूझकर अपनी रणनीति को सीक्रेट रख रहे हैं ताकि किसी को उनके अगले कदम का अंदाजा न हो. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने भी इस पर कोई साफ कमेंट नहीं किया. उन्होंने बस इतना कहा कि मीडिया चाहे जो भी कयास लगाए, लेकिन राष्ट्रपति क्या करेंगे, यह सिर्फ वही जानते हैं.

ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी- डील करो वरना बुरा होगा

इधर स्विट्जरलैंड के जिनेवा में परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, तो उधर ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दे दी है. ट्रंप ने कहा है कि या तो ईरान एक सही न्यूक्लियर डील पर साइन करे, वरना उसके साथ बहुत बुरा हो सकता है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोक दे, जबकि ईरान का कहना है कि उसका प्रोग्राम शांतिपूर्ण कामों के लिए है.

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मिडिल ईस्ट में भारी सैन्य जमावड़ा: 2003 के बाद सबसे बड़ी तैनाती

तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत झोंक दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा है.

  • आसमान में ताकत: F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे दुनिया के सबसे एडवांस फाइटर जेट्स तैनात किए गए हैं.
  • समुद्र में घेराबंदी: अमेरिका के 13 युद्धपोत मिडिल ईस्ट और भूमध्य सागर (मेडिटेरियन सी) में मौजूद हैं.
  • एयरक्राफ्ट करियर: ‘USS अब्राहम लिंकन’ वहां पहले से है और ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ भी रास्ते में है.

कब हो सकता है हमला?

सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हो सकती है, हालांकि अभी तक ट्रंप ने हरी झंडी नहीं दी है. व्हाइट हाउस की मीटिंग में अधिकारियों को बताया गया है कि मार्च के मध्य तक सभी तैनात बल अपनी पोजीशन ले लेंगे. अब पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर हैं कि क्या वह बातचीत से मामला सुलझाएंगे या फिर जंग की शुरुआत होगी.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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