पाकिस्तानी पीएम हैं या गार्ड! ट्रंप को ‘चौकीदार सैल्यूट’ करते दिखे शहबाज शरीफ, Video वायरल

Shehbaz Sharif Watchman Style Salute Donald Trump: पाकिस्तान के पीएम का डोनाल्ड ट्रंप के गाजा बोर्ड ऑफ पीस के मंच पर गार्ड की तरह सैल्यूट करना वायरल हो रहा है. इससे पहले वह मंच पर सबसे किनारे खड़े किए जाने को लेकर और ट्रंप द्वारा खड़ा करवाने को लेकर ट्रोल किए गए थे.

Shehbaz Sharif Watchman Style Salute Donald Trump: पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के लिए ग्लोबल स्टेज पर शर्मिंदगी आए दिन की बात हो गई है. कभी प्रधानमंत्री मियां मोहम्मद शहबाज शरीफ तो कभी पाकिस्तान आर्मी के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और आर्मी चीफ सैयद आसिम मुनीर अहमद शाह. हां! यह इन दोनों का नाम है. पूरा नाम. खैर, आतंक के आगोश में खोए और आर्थिक तंगी से जूझ रहे भारत के इस पड़ोसी देश के पीएम एक बार फिर अपनी हरकतों से चर्चा में हैं. इस सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी मेजबानी में गाजा की पुनर्स्थापना के लिए बनाई गई बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग आयोजित की. इस पहली बैठक के दौरान पाकिस्तानी पीएम के लिए यह कार्यक्रम असहज करने वाले लम्हों और खुले आम शर्मिंदगी की एक और बानगी बना. एक वायरल वीडियो हो रही, जिसमें शहबाज अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘गार्ड-स्टाइल सल्यूट’ करते दिख रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो क्लिप में ट्रंप सभी नेताओं से मिल रहे हैं. जैसे ही वह शरीफ के पास पहुंचते हैं, वह ट्रंप को एक अटपटा सा सलाम करते दिखते हैं. इस वीडियो को संभवतः पाकिस्तानी मूल के ऑस्ट्रेलिया बेस्ड जर्नलिस्ट सबी काजमी नाम के जर्नलिस्ट ने शेयर किया है. उन्होंने लिखा, ‘इस समय दुनिया भर में शहबाज शरीफ का सलाम मजाक का विषय बन गया है. कुछ लोग इसे चौकीदार की खनखनाती सलामी जैसा बता रहे हैं और तंज कस रहे हैं कि यह किसी प्रधानमंत्री का अंदाज है या किसी मातहत का.’ इस वीडियो को अब तक 47 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा है. 

इस वीडियो के वायरल होते ही, ऑनलाइन रिएक्शन और मजाक बनने लगा. हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन जैसे-जैसे वीडियो ऑनलाइन फैलता गया, सोशल मीडिया यूजर्स ने बैठक में शरीफ के असहज व्यवहार पर सवाल उठाए. एक यूजर ने कहा कि तमाम तारीफों और गले मिलने के बावजूद, ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के समय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पीछे की पंक्ति में खड़ा कर दिया गया.

ट्रंप ने शरीफ को खड़ा करवा कर मोदी की तारीफ की

बैठक की तस्वीरों में भी पाकिस्तान के शीर्ष नेता की असहज स्थिति को और उभारा. विश्व नेताओं की आधिकारिक समूह तस्वीर में शरीफ को किनारे खड़ा दिखाया गया. विश्लेषकों ने इसे शिखर सम्मेलन में इस्लामाबाद की भूमिका के प्रतीकात्मक हाशिएकरण के रूप में देखा. यही नहीं, जब ट्रंप ने भाषण के दौरान इशारे से शरीफ को खड़े होने को कहा. और तो और उन्होंने शरीफ को खड़ा करके भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. इसके बाद तो कुछ यूजर्स ने शरीफ को ट्रंप की कठपुतली तक कह डाला.

शरीफ ने जमकर की ट्रंप की तारीफ

वहीं, जब शरीफ को बोलने का अवसर मिला, तो उन्होंने ट्रंप की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने ट्रंप को ‘मैन ऑफ पीस’ और भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अपनी कथित भूमिका के लिए ‘दक्षिण एशिया का मसीहा’ बताया. ट्रंप अब तक न जाने कितनी बार कह चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने ही रुकवाया है. हालांकि यह एक ऐसा दावा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज किया है.

मुनीर भी असहज स्थिति में फंसे थे

पिछले दिनों पाकिस्तान के सीडीएफ आसिम मुनीर को भी इसी तरह की असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था. जर्मनी के म्यूनिख में सिक्योरिटी कांफ्रेंस में पहुंचे पाक सीडीएफ से एंट्री गेट पर आईडी कार्ड दिखाने की मांग कर दी गई थी, जबकि वह अपनी आर्मी ड्रेस में ही थे. यहां उन्हें किसी मेहमान नहीं, बल्कि एक आम प्रतिनिधि की ही तरह ट्रीट किया गया. 

ऑफ पीस की मीटिंग में पाकिस्तान को नहीं मिला भाव

खैर, शहबाज शरीफ ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में शामिल तो हुए थे, पाकिस्तान का स्टेचर बढ़ाने के लिए. लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरे ने इस्लामाबाद की वैश्विक प्रासंगिकता को ही उजागर किया. औपचारिक निमंत्रण के बावजूद, पाकिस्तान का नाम उन देशों में शामिल नहीं था, जिनसे गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल के लिए योगदान की अपेक्षा की जा रही है. जबकि पहले पाकिस्तान ने इसके लिए सहमति जताई थी. युद्धग्रस्त गाजा में मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के लिए 40 से अधिक देशों के पाकिस्तान की वैश्विक स्थिति की सीमाएं ही सामने आईं. खैर, पाकिस्तान के लिए राहत की बात रही कि इस दौरान उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की ढेर सारी तरीफ जरूर मिली. 

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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