India Israel Anti-Ballistic Missile: भारत और इजरायल के बीच रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी डील होने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने 25-26 फरवरी को इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं. इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मिशन सुदर्शन’ है, जिसके तहत भारत इजरायल के साथ मिलकर अपना ‘एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ तैयार करेगा. आसान भाषा में कहें तो यह एक ऐसा सुरक्षा कवच है जो दुश्मन की मिसाइलों को भारत की जमीन पर गिरने से पहले ही हवा में नष्ट कर देगा.
क्या है मिशन सुदर्शन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल?
सरल शब्दों में समझें तो बैलिस्टिक मिसाइल एक ‘आक्रामक तलवार’ है जो दूर से हमला करती है, जबकि एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल एक ‘मजबूत ढाल’ है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल इस टेक्निक में दुनिया का बॉस है. उनके पास ‘आयरन डोम’, ‘डेवि़ड्स स्लिंग’ और ‘एरो’ जैसे सिस्टम हैं, जिन्होंने पिछले साल ईरान की 98% मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था.
यह डिफेंस सिस्टम मिशन सुदर्शन का एक अहम हिस्सा है, जो दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से भारत के अंदरूनी हिस्सों को सुरक्षित करने का एक जरूरी हिस्सा है. मिशन सुदर्शन की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने की थी और यह भारत के एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का एक अहम पार्ट है. भारत अब इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपने शहरों को सुरक्षित करने के लिए करेगा.
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के एयर डिफेंस की उड़ाई धज्जियां
भारत पहले ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी ताकत दिखा चुका है. इस ऑपरेशन में भारत ने इजरायली ‘रैम्पेज’ मिसाइलों और ‘हारोप’ जैसे घातक ड्रोन (लोइटरिंग एमुनेशन) का इस्तेमाल किया था. भारत के इन हमलों ने इस्लामाबाद के करीब मौजूद पाकिस्तान के चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को लगभग खत्म कर दिया था. अब भारत और भी एडवांस ‘स्पाइस 1000’ गाइडेड बम और ‘आइस ब्रेकर’ मिसाइल सिस्टम खरीदने की तैयारी में है.
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टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर इजरायल का बड़ा फैसला
पहले इजरायल अपनी टॉप टेक्नोलॉजी शेयर करने में कतराता था, लेकिन अब दोस्ती गहरी हो गई है. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के पिछले साल के दौरे के बाद यह तय हुआ है कि इजरायल अब भारत को लेजर हथियार और स्टैंड-ऑफ सिस्टम जैसी हाई-टेक डिफेंस टेक्नोलॉजी का पूरा एक्सेस देगा. इसका मतलब है कि अब ये हथियार भारत में ही मिलकर बनाए जा सकेंगे.
नेवी को भी मिलेगी नई ताकत
सिर्फ जमीन ही नहीं, समुद्र में भी भारत अपनी ताकत बढ़ा रहा है. भारतीय नौसेना अपने युद्धपोतों को दुश्मन की मिसाइलों से बचाने के लिए ‘बराक’ मिसाइल सिस्टम का नया वर्जन खरीदने वाली है. इससे हमारे समुद्री जहाज दुश्मन के एयर और सरफेस हमलों से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे.
20 अरब डॉलर का है डिफेंस कारोबार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 से 2024 के बीच भारत और इजरायल के बीच करीब 20.5 अरब डॉलर के हथियारों का सौदा हुआ है. इजरायल अपने कुल हथियारों के एक्सपोर्ट का 34% हिस्सा अकेले भारत को भेजता है. पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की करीबी दोस्ती ने इस साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. इस दौरे में रक्षा के अलावा खेती, पानी और सुपर कंप्यूटर (क्वांटम कंप्यूटिंग) पर भी बड़ी बातचीत होगी.
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