ट्रंप की संघर्ष-विराम कोशिश नाकाम, सीमा पर बिछी लैंडमाइन में उड़े चार सैनिक, थाईलैंड ने सस्पेंड की पीस डील

Thailand Cambodia Clash: थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया पर विवादित सीमा क्षेत्र में नए लैंडमाइन (बारूदी सुरंग) बिछाने का आरोप लगाया है. सेना का कहना है कि इन लैंडमाइनों के कारण उसके सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. थाईलैंड की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि वह कंबोडिया के साथ सभी समझौतों को निलंबित कर रहे हैं.

Thailand Cambodia Clash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में अभी एक साल भी पूरा नहीं किया है. हालांकि इस दौरान उन्होंन दुनिया भर में 8 युद्द रुकवाने का दावा किया है. इसमें भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में छिड़ी चार दिन की जंग और इजरायल-हमास के बीच 2 साल से चल रहा युद्ध भी शामिल है. उनके युद्ध विराम की फैहरिस्त में थाईलैंड और कंबोडिया भी शामिल हैं. दोनों पड़ोसी देशों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने पीस डील करवाने का दावा किया था, लेकिन अब उस पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया पर विवादित सीमा क्षेत्र में नए लैंडमाइन (बारूदी सुरंग) बिछाने का आरोप लगाया है. सेना का कहना है कि इन लैंडमाइनों के कारण उसके सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. थाईलैंड की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि वह कंबोडिया के साथ सभी समझौतों को निलंबित कर रहे हैं. यह दोनों देशों के बीच ट्रंप की मध्यस्थता में हुए शांति समझौते का उल्लंघन है.

ट्रंप की शांति पहल पर फिर संकट

दोनों पड़ोसी देशों ने इस वर्ष अक्टूबर में मलेशिया के कुआलालंपुर में हुई 47वीं आसियान शिखर बैठक के दौरान केएल पीस अकॉर्ड (KL Peace Accord) पर संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे. इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी मौजूद थे. उस वक्त उन्होंने दोनों देशों को चेताया था कि अगर सीमा पर तनाव या झड़पें जारी रहीं, तो अमेरिका किसी भी तरह के व्यापारिक समझौते से पीछे हट जाएगा. समझौते के तहत ट्रंप ने संघर्ष-विराम के बदले दोनों देशों को रियायती टैरिफ दरों की पेशकश की थी. यह समझौता जुलाई में हुए अस्थायी युद्धविराम का विस्तार था, जिसमें भारी हथियारों को हटाने, सीमा चिह्न तय करने (डी-मार्किंग) और बारूदी सुरंगों को हटाने (डी-माइनिंग) जैसे कदम शामिल थे. लेकिन सीमा पर हुए ताजा धमाके ने इस डील की साख को गहरी चोट पहुंचाई है.

थाईलैंड का ऐतराज; सीमा पर बिछाई नई लैंडमाइन

बैंकॉक पोस्ट के अनुसार, थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विनथाई सुवारी ने बताया कि सोमवार दोपहर सि सा केट प्रांत के कंथारालक जिले में विस्फोट स्थल की जांच के दौरान फॉरेंसिक अधिकारियों ने एक विस्फोट गड्ढा और पास में तीन अन्य एंटी-पर्सनल लैंडमाइन पाई हैं. इससे पहले सोमवार को ही चार थाई सैनिक सीमा क्षेत्र में गश्त करते समय पीएमएन-2 (PMN-2) लैंडमाइन पर पैर पड़ने से घायल हो गए थे, जिनमें से एक सैनिक का पैर उड़ गया. इस घटना के बाद प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने थाई-कंबोडिया शांति समझौते के कार्यान्वयन और पकड़े गए 18 कंबोडियाई सैनिकों की रिहाई की योजना को निलंबित कर दिया है.

थाईलैंड ने रोके सभी समझौते

मेजर जनरल विनथाई ने कहा, “यह घटना संघर्ष को कम करने में कंबोडिया की असच्चाई को दिखाती है और यह हाल ही में हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा का उल्लंघन करती है.” थाईलैंड के रक्षा मंत्री नत्तापोन नार्कफनित ने थाई दैनिक को बताया कि यह लैंडमाइन हाल ही में बिछाई गई लगती है, क्योंकि विस्फोट उसी रास्ते पर हुआ जहां थाई सैनिक नियमित रूप से गश्त करते हैं. थाईलैंड ने इस घटना पर कंबोडियाई सरकार के समक्ष औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है. उसने कहा कि जब तक कंबोडिया यह साफ नहीं करता कि वह शत्रुतापूर्ण रवैया नहीं अपनाएगा, तब तक सभी समझौतों को रोक दिया जाएगा

कंबोडिया ने दी सफाई; पुरानी हैं बारूदी सुरंग

हालांकि, कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार देर रात जारी एक बयान में थाईलैंड के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस लैंडमाइन से विस्फोट हुआ, वह पुरानी थी और कंबोडिया के गृहयुद्ध के समय की है. कंबोडियाई सरकारी मीडिया एकेपी (AKP) के अनुसार, मंत्रालय ने दोहराया कि उसने “कोई नई लैंडमाइन नहीं बिछाई है जो नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालती हो.” मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह समझौते में उल्लिखित प्रतिबद्धताओं और जिनेवा कन्वेंशनों का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो एंटी-पर्सनल लैंडमाइन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाते हैं. 

कंबोडियाई मंत्रालय ने थाईलैंड द्वारा संयुक्त घोषणा में उल्लिखित सभी सहयोगात्मक गतिविधियों, जैसे सीमा से भारी हथियारों की वापसी और कैद कंबोडियाई सैनिकों की रिहाई को निलंबित किए जाने पर चिंता व्यक्त की है. हालांकि कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घटना के बाद दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच संवाद हुआ है और वर्तमान में सीमा पर स्थिति शांत है.

विवाद की जड़ क्या है?

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 817 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद है, जो हाल ही में 24 जुलाई को फिर से हिंसक झड़पों में बदल गया था. दोनों के बीच सीमा पर सबसे अधिक तनाव प्रेह विहेयर मंदिर (Preah Vihear Temple) के आसपास के इलाके को लेकर रहता है, यह वही इलाका जहां हालिया विस्फोट हुआ.  विवादित सीमा क्षेत्र में लैंडमाइन विस्फोटों के कारण घायल हुए थाई सैनिकों की घटनाएं ही जुलाई में हुए संघर्ष की एक प्रमुख वजह थीं. उस समय थाईलैंड ने कंबोडिया पर नई बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया था, जिसे कंबोडिया ने सिरे से नकार दिया था.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन लैंडमाइनों के कारण इस साल की शुरुआत में थाई-कंबोडिया संघर्ष हुआ, वे संभवतः नई लगाई गई थीं. थाई सेना के विशेषज्ञ विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकला था. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पांच दिनों तक चले रॉकेट और भारी तोपखाने के हमले शुरू करने का आरोप लगाया था. इस संघर्ष में कम से कम 48 लोगों की मौत हुई थी और करीब 3 लाख लोग विस्थापित हुए थे, जो हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे भीषण लड़ाई थी.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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