किस्मतवाला! इजरायल में हमास हमले में बचा, फिर सिडनी में छूकर निकली गोली, इस यहूदी नेता की नायाब कहानी

Sydney Bondi Beach Survivor: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बीच पर हुए हमले में तकरीबन 16 लोग मारे गए हैं, जबकि 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. इन्हीं घायलों में आर्सेन ऑस्ट्रोव्स्की भी हैं, जिन्होंने इजरायल में हमास के हमले को भी झेला है. सोशल मीडिया पोस्ट कर उन्होंने अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी है.

Sydney Bondi Beach Survivor: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर हंसी खुशी के साथ हनुक्का त्यौहार मनाया जा रहा है. 8 दिनों तक चलने वाले इस फेस्टिवल का रविवार को पहला दिन था. बीच पर यहूदी समुदाय के काफी लोग इकट्ठा थे, लेकिन तभी बाप-बेटों ने कत्लेआम मचा दिया. साजिद और नवीद अकरम नाम के दो हमलावरों ने इस त्यौहार पर गोलीबारी कर दी. इस हमले में ताजा जानकारी के अनुसार अब तक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. इन घायलों में से एक ऐसे शख्स भी हैं, जिन्होंने 7 अक्टूबर 2023 का इजरायल में हुआ हमास हमला भी झेला है. इनका नाम है आर्सेन ऑस्ट्रोव्स्की (Arsen Ostrovsky). उनका कहना है सिडनी में बीच पर हुए हमले में गोली उनके सिर को छूकर निकल गई. इस घटना के बाद उन्होंने अपना संदेश जारी किया है.

चेहरे पर खून और सिर पर पट्टी बंधी होने के साथ उन्होंने उस यहूदी उत्सव के दौरान मचे भयावह हालात का जिक्र किया. ऑस्ट्रेलिया के 9न्यूज उन्होंने कहा कि यह गोलीबारी “खूनखराबा थी, पूरी तरह से नरसंहार. मैं अपने परिवार के साथ यहां था. यह हनुक्का का आयोजन था. वहां सैकड़ों लोग थे बच्चे, बुजुर्ग, परिवार सब लोग खुशी मना रहे थे.” उन्होंने बताया कि किसी को भी नहीं बख्शा गया. बच्चे खेल रहे थे और अचानक सब कुछ अफरा-तफरी में बदल गया. हर तरफ गोलियां चल रही थीं, लोग झुककर जान बचा रहे थे. हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है और गोलियां किस तरफ से आ रही हैं.

आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पोस्ट किया. उन्होंने कहा- ‘वह 13 साल तक इजराइल में रहे हैं और 2023 में हमास द्वारा किए गए 7 अक्टूबर के हमले से बचे थे. उन्होंने आगे कहा कि कभी नहीं सोचा था कि ऑस्ट्रेलिया में ऐसा भयावह दृश्य देखना पड़ेगा. गोली मेरे सिर को छूकर निकल गई. डॉक्टरों ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि मैं बच गया, हालांकि मैं रिकवर कर जाउंगा. आज हनुक्का की पहली रात है. अंधकार और घृणा की शक्तियां कभी नहीं जीतेंगी. हम विजयी होंगे.’

आर्सेन ऑस्ट्रोव्स्की का सोशल मीडिया पोस्ट

हम जीतेंगे- आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की

ओस्ट्रोव्स्की का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है. वे यहूदी समुदाय के साथ काम करने, यहूदी-विरोधी भावना से लड़ने और इस खून की प्यासी नफरत के खिलाफ खड़े होने के लिए दो हफ्ते पहले ही ऑस्ट्रेलिया आए थे. उन्होंने यह भी कहा कि बॉन्डी बीच की गोलीबारी किसी पूर्ण पैमाने के युद्ध जितनी भयावह नहीं थी. हम इससे भी बदतर दौर से गुजरे हैं. हम इससे भी उबर जाएंगे और जिन्होंने यह किया है, उन्हें पकड़ेंगे. सबसे बुरा पल वह था जब उस समय मैं अपनी पत्नी और बच्चों से अलग हो गया था. जब मैं उनकी ओर बढ़ा, तभी मुझे गोली लगी. शुक्र है कि वे सुरक्षित बाहर निकल गए. हर तरफ बच्चों और बुज़ुर्गों के बीच भयानक खूनखराबा था. यह नोवा ( अक्टूबर 2023 का हमास का हमला) जैसी किसी घटना का दृश्य लग रहा था. लेकिन यह भी अविश्वसनीय था कि कैसे हर कोई मदद के लिए दौड़ पड़ा. सब कुछ अवास्तविक सा लगा.

कौन हैं ओस्ट्रोव्स्की

जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबकि ओस्ट्रोव्स्की एक जाने-माने मानवाधिकार वकील हैं और इंटरनेशनल लीगल फोरम के सीईओ भी हैं. पोस्ट ने उन्हें उनकी वकालत और व्यापक संवाद क्षमता के लिए अपनी ‘25 विजनरीज’ सूची में शामिल किया था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और यहूदी-विरोध (एंटीसेमिटिज्म) पर कई लेख और सह-लेख लिखे हैं. उन्होंने यहूदी-विरोध के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपनाने की भी वकालत की है.

हमले पर भड़के नेतन्याहू

यह हमला यहूदी पर्व हनुक्का के पहले दिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ. बॉन्डी बीच पर शाम लगभग 6.35 बजे (ऑस्ट्रेलियाई समयानुसार) संगीत, खेल और पारिवारिक गतिविधियों के लिए सैकड़ों निर्दोष लोग जुटे थे. यहां दोनों हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी करनी शुरू कर दी. पुलिस ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया. अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में दो शूटर शामिल थे. एक हमलावर को पुलिस ने मार गिराया, जबकि दूसरा गोली लगने से घायल हो गया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने इलाके में मौजूद लोगों से पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की. वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पर दुख जताया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया की नीतियों की वजह से यह घटना हुई है. 

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