यूनुस राज में खत्म होगा तारिक रहमान का 17 का आत्म निर्वासन, चुनावों में भाग लेने बांग्लादेश लौटेंगे बीएनपी प्रमुख

BNP Chief Tarique Rahman: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और उनके सबसे बड़े बेटे तारिक रहमान अपना 17 साल का आत्म निर्वासन समाप्त कर स्वदेश लौटेंगे. उन्होंने फरवरी में होने वाले चुनाव में भी भाग लेने की घोषणा की है.

BNP Chief Tarique Rahman: बांग्लादेश में 2024 में हुए शेख हसीना के सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक परिस्थिति अब एक नई करवट ले रही है. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और उनके सबसे बड़े बेटे ने सोमवार को घोषणा की कि वह जल्द ही लौटेंगे और फरवरी में होने वाले आम चुनाव में भाग लेने के लिए लंदन में 17 साल के अपने आत्म-निर्वासन को समाप्त करेंगे. 59 वर्षीय रहमान, जो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और लंबे समय तक देश की सत्ता में रही जिया परिवार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी हैं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. उन्हें आने वाले चुनावों में प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा है.

फरवरी 2026 में प्रस्तावित यह चुनाव पिछले साल हुए जनविद्रोह के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाया गया था. हसीना का 15 साल लंबा सत्ताकाल एक सख्त शासन रहा, जिसके दौरान बीएनपी लगभग समाप्त हो गई थी. तारिक रहमान ने 6 अक्टूबर को ‘बीबीसी बांग्ला’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “कुछ तर्कसंगत कारणों से मेरी वापसी नहीं हो पाई है… लेकिन समय आ गया है, और मैं जल्द ही वापस आऊंगा.” परोक्ष रूप से पार्टी की कमान संभाल रहे बीएनपी के 58 वर्षीय नेता ने कहा, “मैं भी चुनाव लड़ रहा हूं.” बीएनपी की सरकार बनने पर प्रधानमंत्री पद संभालने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जनता फैसला करेगी”. 

रहमान बांग्लादेश छोड़कर क्यों गए

तारिक रहमान, जिन्हें बांग्लादेश में “तारिक जिया” के नाम से भी जाना जाता है, 2008 से लंदन में रह रहे हैं. उनका कहना है कि वे राजनीतिक प्रताड़ना से बचने के लिए देश छोड़कर गए थे. तत्कालीन सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार ने 2008 में उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए लंदन भेज दिया था, जबकि उनके खिलाफ कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामलों में कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं. हसीना के पतन के बाद रहमान को उनके खिलाफ दर्ज सबसे गंभीर मामलों से बरी कर दिया गया था. 2004 में हसीना की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले में दी गई गैरहाजिरी में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. ऐसे ही एक मामले में उन पर 2004 में तत्कालीन विपक्षी नेता हसीना और उनकी पार्टी के नेताओं पर हथगोले से हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. हालांकि उन्होंने हमेशा इस आरोपों से इनकार किया था. अब रहमान सोशल मीडिया पर एक मुखर राजनीतिक चेहरा बन चुके हैं और BNP समर्थकों के बीच एकजुटता का प्रतीक माने जाते हैं. 

खालिदा जिया के चुनाव लड़ने पर किया स्पष्ट

यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि उनकी मां, 80 वर्षीय खालिदा जिया, जो हसीना शासनकाल में जेल में रही हैं और अब अस्वस्थ हैं, खुद चुनाव लड़ेंगी या अपने बेटे का मार्गदर्शन करेंगी. रहमान ने कहा, “वह जेल में स्वस्थ अवस्था में गई थीं, लेकिन लौटने के बाद बीमार रहीं. उन्हें उचित इलाज का अधिकार नहीं दिया गया. लेकिन अगर उनकी तबीयत ने अनुमति दी, तो वह निश्चित रूप से चुनाव में योगदान देंगी.”

हसीना पर लगे थे गंभीर आरोप

उन्होंने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा लगाए गए हसीना की पार्टी ‘आवामी लीग’ पर प्रतिबंध पर भी टिप्पणी की. 78 वर्षीय हसीना, जो पिछले साल भारत आ गई थीं, अदालत के आदेशों के बावजूद अब तक वापस नहीं लौटी हैं. उन पर जनविद्रोह के दौरान हुए दमनकारी अभियान का आदेश देने के आरोप में मानवता विरोधी अपराधों के मुकदमे चल रहे हैं. हसीना ने अदालत के अधिकार को मानने से इनकार कर दिया है. 

रहमान की यह टिप्पणी उन अटकलों के बीच आई है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी ने रातों-रात अपने पहले के रुख से हटते हुए अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस द्वारा संविधान का हिस्सा बनाने के लिए की गई “जुलाई घोषणा” पर जनता की राय जानने के लिए जनमत संग्रह को स्वीकार करने पर सहमति व्यक्त की है.

ये भी पढ़ें:-

Viral Video: जहरीले सांपों को नूडल्स की तरह खाता है यह पक्षी, हैरान कर देगा वीडियो

PHOTOS: दुनिया के 5 सबसे पुराने देश, मिस्र ने मारी बाजी, भारत की पोजिशन जानकर रह जाएंगे हैरान!

अमेरिका के F-35 फाइटर जेट को टाटा बाय-बाय! स्पेन ने दिया बड़ा झटका, अब तुर्की के KAAN पर खेलेगा नया दांव

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >