Parcel of Meat Sent to Mosque : मस्जिद में आया पार्सल, अंदर से निकला सूअर का मांस

Parcel of Meat Sent to Mosque : सिंगापुर की मस्जिद में मांस का पार्सल भेजा गया. पार्सल में सूअर का मांस होने का संदेह जताया जा रहा है. जानें पूरा मामला.

Parcel of Meat Sent to Mosque : सिंगापुर की एक मस्जिद को भेजे गए पार्सल में संदिग्ध सुअर का मांस मिलने से हड़कंप मच गया. गृह मंत्री के. षणमुगम ने इसे बहुजातीय समाज में ‘आग से खेलने’ जैसा बताया. उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, हाल ही में अन्य मस्जिदों को भी मांस भेजने के ऐसे मामले सामने आए हैं. पुलिस इन घटनाओं की जांच कर रही है. मंत्री ने इसे गंभीर बताया और समुदाय की शांति बनाए रखने की अपील की.

राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री षणमुगम ने कहा कि सेरांगून आवासीय परिसर में अल-इस्तिकामा मस्जिद को भेजे गए संदिग्ध पार्सल में मांस का एक टुकड़ा था जो पहली नजर में ‘सूअर का मांस’’ प्रतीत होता है. उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन अगर यह सूअर का मांस है और इसे मस्जिद में भेजा जाता है तो आप इसके निहितार्थ देख सकते हैं. यह कहीं ज़्यादा बुरा है.’’

मकसद चाहे जो भी हो, लेकिन यह आग से खेलने जैसा : षणमुगम

षणमुगम ने कहा, ‘‘ मकसद चाहे जो भी हो, लेकिन यह आग से खेलने जैसा है.’’ उन्होंने कहा कि अधिकारी इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और जो भी ज़िम्मेदार पाया जाएगा उसके साथ सख़्ती से पेश आया जाएगा. षणमुगम ने कहा कि पार्सल में मांस किस प्रकार का था, इसकी पुष्टि के लिए जांच की जा रही है लेकिन धार्मिक स्थल पर यह भेजा जाना ‘‘स्पष्ट रूप से भड़काने’’ वाला है. उन्होंने कहा कि पुलिस हाल ही में अन्य मस्जिदों में मांस भेजे जाने के “अन्य समान मामलों” की जांच कर रही है.

एहतियात के तौर पर इमारत को खाली कराया गया

बुधवार शाम को सिंगापुर पुलिस बल को मस्जिद में पार्सल पहुंचाए जाने की सूचना मिली और एहतियात के तौर पर सिंगापुर नागरिक सुरक्षा बल के साथ मिलकर इमारत को खाली कराया गया. खतरनाक सामग्री विशेषज्ञों ने डिटेक्टर से जांच की, लेकिन कोई खतरनाक पदार्थ नहीं मिला. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद में एक महिला को सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल ले जाया गया. महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. षणमुगम ने बताया कि पुलिस ने मस्जिदों का दौरा बढ़ा दिया है और आगे भी करती रहेगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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