Operation Hardball : अमेरिकी जांच एजेंसी द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्डबॉल के दौरान भारत में कई केंद्रीय एजेंसियों ने जानकारी साझा की थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया कि FBI की बातचीत भारतीय जांच एजेंसियों से हुई. जिससे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, भगवानपुरिया और कई सहयोगियों के बारे में जानकारी मिली और पुष्टि की गई.
भारत-अमेरिका संबंधों में काफी सुधार
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय एजेंसियों ने सक्रिय गैंगस्टरों की सूची और सबूत शेयर किए. जिससे पिछले करीब एक-डेढ़ महीने में बैठकों में तेजी आई. पिछले साल नवंबर में अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी और भारत को सौंपे जाने के बाद भारत-अमेरिका के बीच के तालमेल में काफी सुधार हुआ है.
लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगियों की गिरफ्तारी में मदद
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में लॉरेंस बिश्नोई के कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके खुलासों और तकनीकी निगरानी के आधार पर, उनके खिलाफ सबूत जुटाए गए.
अमेरिका की चिंता
पिछले साल, अमेरिकी अधिकारियों ने दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय का दौरा किया था, जहां उन्होंने भारतीय मूल के गैंगस्टरों और अमेरिकी ड्रग कार्टेल के बीच कथित संबंधों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं. उन्होंने कुछ नामों की सूची भी साझा की और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सहायता मांगी.
गुजरात जेल में लॉरेंस बिश्नोई
बाबा सिद्दीकी और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्याओं के अलावा, लॉरेंस बिश्नोई का नाम अभिनेता सलमान खान को कई धमकियां देने से भी जुड़ा है. 2014 में गिरफ्तार किए गए बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद हैं.
फरार गैंगस्टरों की तलाश जारी
गोल्डी ब्रार और रोहित गोदारा दोनों फरार हैं. एजेंसियों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी गोल्डी बराड़ के बारे में संदेह है कि वह अज़रबैजान स्थित रोहित गोदारा के साथ काम कर रहे हैं. लॉरेंस बिश्नोई अब कनाडा स्थित नोनी राणा और अमेरिका स्थित हैरी बॉक्सर से जुड़े हुए हैं.
समुद्री रास्ते से भारत पहुंचता है नशीला पदार्थ
बताया जा रहा है कि अमेरिका से कई गैंगस्टर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी और हत्याओं से जुड़े मामलों में पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे. केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप ज्यादातर समुद्र के रास्ते भेजी जाती हैं. उन्होंने बताया कि तस्कर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनके संपर्कों को ट्रैक करना कठिन होता है.
