अजूबा! बच्चे को जन्म देने वाली महिला की कांख से निकलने लगा दूध, रेयर मामले में सामने आई अनोखी जानकारी

Milk from woman's armpit: फिलीपींस की एक 35 वर्षीय महिला का एक मामला सामने आया जिसमें अपने नवजात बच्चे को स्तनपान करवाते समय उसे अपनी कांख में सूजन महसूस हुई. डॉक्टरों ने उसकी बगलों में सूजे हुए हिस्सों को दबाया, तो बालों के रोमछिद्रों (hair follicles) से दूध की बूंदें निकल आईं. जांच में अनियमित आकार की त्वचा के रंग जैसी गांठें बनी हुई थीं.

Milk from woman’s armpit: प्रत्येक मनुष्य दूसरे से अलग है. उन सभी शारीरिक की विशेषता दूसरे से अलग है. एक ही माता-पिता की संतान अलग-अलग चेहरे वाली होती हैं. दो व्यक्तियों में किसी भी तरह की समानता महज इत्तेफाक होती है. किसी इंसान में एक अनोखी विशेषता की गुंजाइश हमेशा होती है, जैसे उसका थंब इंप्रेशन. लेकिन फिलीपींस में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला के बच्चे को जन्म देने के बाद, उसकी स्तन ग्रंथियों और बगल दोनों से दूध उत्पन्न हो रहा है.

लाइव साइंस की एक रिपोर्ट में फिलीपींस की एक 35 वर्षीय महिला के मामले की खबर प्रकाशित की गई. इस महिला ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया था. वह अपने बच्चे स्तनपान करवा रही थी, लेकिन ने अपनी कांख (आर्मपिट) में सूजन महसूस की. महिला ने इसकी जांच करवाई, तब अस्पताल में  उसके दोनों कांख में सूजन देखी गई. जब डॉक्टरों ने उसकी बगलों में सूजे हुए हिस्सों को दबाया, तो बालों के रोमछिद्रों (hair follicles) से दूध की बूंदें निकल आईं. जांच में अनियमित आकार की त्वचा के रंग जैसी गांठें बनी हुई थीं. दाहिनी बगल की गांठ का आकार 5.5 गुणा 4.2 सेंटीमीटर था, जबकि बाईं बगल में यह 3.9 गुणा 0.9 सेंटीमीटर की थी. ये गांठें न तो दर्दनाक थीं, न खून निकल रहा था और न ही छूने पर गर्म महसूस हो रही थीं.

शरीर के ऐसे हिस्सों में स्तन ऊतक का विकसित होना काफी दुर्लभ है. विशेषकर जहाँ यह सामान्य रूप से नहीं होना चाहिए. महिला के अनुसार, इसी तरह की सूजन पहली बार 15 साल पहले, उसके पहले बच्चे के जन्म के बाद दिखाई दी थी. उसने बताया कि जब उसने स्तनपान बंद किया, तो वह सूजन अपने आप कम हो गई. लेकिन हर बार जब उसने बच्चे को जन्म दिया, वही सूजन दोबारा उभर आई. डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, हर बार जब उसने बच्चों को दूध पिलाना बंद किया, तो उसकी बगलों की गांठें भी गायब हो गईं.

महिला की कांख की तस्वीरें. फोटो- jadd case reports.

डॉक्टरों ने क्या बताया?

यह अजीबो गरीब मामला एलिसा फेलसोफी एस. सिलोर, मैरियन रोसेल डी. विलावेर्डे, क्लाउडिन याप सिल्वा के रिसर्च पेपर में सामने आया है. उन्होंने इसका सिनॉप्सिस पेश करते हुए बताया कि यह स्थिति लगभग 2% से 6% महिलाओं और 1% से 3% पुरुषों को प्रभावित करती है. यह स्थिति वंशानुगत भी हो सकती है. लगभग 6% मामलों में यह परिवार से आगे बढ़ती है. हालांकि, इस महिला के अनुसार, उसके परिवार में किसी भी सदस्य को इस तरह की सूजन कभी नहीं हुई थी. इस महिला के मामले में डॉक्टरों ने सलाह दी कि बगल के हिस्से में मौजूद स्तन ऊतक को सर्जरी से हटा दिया जाए. लेकिन पहले के अनुभव के आधार पर जब स्तनपान बंद किया था, तो यह सूजन अपने आप कम हो गई थी. इसलिए उसने सर्जरी नहीं करवाई. डॉक्टरों ने फिर उसे सलाह दी कि वह अपनी बगल के हिस्सों पर लगातार नजर रखे और नियमित ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के दौरान इन क्षेत्रों की जांच करवाती रहे.

डाक्टरों ने जांज में क्या पाया?

इस मामले में जांच करते हुए डॉक्टरों ने बगल की गांठों की स्थिति, आकार और अन्य विशेषताओं का अध्ययन करने के बाद बायोप्सी की. इसमें ऊतक (टिशू) की जांच की गई, जिसमें पुष्टि हुई कि यह पॉलिमास्टिया (Polymastia) है, जिसे एक्टोपिक या एक्सेसरी ब्रेस्ट्स (Ectopic/Accessory Breasts) भी कहा जाता है. एक्टोपिक शब्द का अर्थ होता है- ऐसे ऊतक जो शरीर में सामान्य स्थान के अलावा किसी अन्य जगह विकसित हो जाएं.

कैसे विकसित होती है एक्टोपिक या एक्सेसरी ब्रेस्ट्स?

एक्टोपिक ब्रेस्ट्स की उत्पत्ति भ्रूण में बनने वाली एक मोटी रेखा जैसी ऊतक पट्टी स्तन रिज (Mammary Ridge) से होती है, जिसे मिल्क लाइन भी कहा जाता है. यही वह क्षेत्र होता है जहाँ स्तन ग्रंथियों के प्रारंभिक रूप विकसित होते हैं. यह रेखा भ्रूण के शरीर की दीवार पर बगल से लेकर जांघ के भीतरी हिस्से तक फैली होती है. कभी-कभी यह ऊतक भ्रूण विकास के दौरान पूरी तरह एब्जॉर्ब नहीं हो पाते और बाद में यौवन (puberty) आरंभ होने पर इनका विकास हो सकता है, जिससे एक्सेसरी ब्रेस्ट्स बन जाते हैं.

कहां-कहां विकसित हो सकते हैं एक्टोपिक या एक्सेसरी ब्रेस्ट्स?

एक्टोपिक स्तन ऊतक पुरुषों या महिलाओं दोनों में हो सकते हैं. ये मिल्क लाइन के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता है, जैसे कि जननांगों के पास (perineum), कमर, जांघ या योनि क्षेत्र (vulva) में. हालांकि, यह सबसे अधिक कांख में पाया जाता है. बहुत दुर्लभ मामलों में यह चेहरे या पीठ पर भी विकसित हो सकता है. कभी-कभी इन अतिरिक्त स्तनों में निप्पल और एरियोला भी बन जाते हैं.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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