डोनाल्ड ट्रंप एंड टीम पर हमलावर हुईं कमला हैरिस, अपशब्दों के साथ की नीतियों की आलोचना, Video

Kamala Harris criticize Donald Trump Team: अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप टीम की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इस दौरान अपशब्दों का भी प्रयोग किया. अपने किताब का टूर के दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों को पागलपन की हद बताया.

Kamala Harris criticize Donald Trump Team: अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने लॉस एंजिलिस में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी प्रशासन पर तीखा हमला बोला. द गेटी सेंटर में “डे ऑफ अनरीजनेबल कन्वर्सेशन” नामक सम्मेलन में उन्होंने डोलन्ड ट्रंप की टीम के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया, जिस पर प्रोग्राम हॉल में जोरदार तालियां बजीं. यह कार्यक्रम उनकी बुक टूर का हिस्सा है. कमला हैरिस अपने नए संस्मरण “107 डेज” (107 Days) को प्रमोट कर रही हैं. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की जोरदार आलोचना करते हुए इसे पागलपन की हद बताया.

लेखकों और रचनाकारों से भरे हॉल को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें मौजूदा राजनीतिक माहौल को अपने काम में प्रतिबिंबित करने के लिए प्रेरित किया. कमला हैरिस ने कहा, “हम इस समय इतिहास को जी रहे हैं, और आप सभी कहानीकार भी इसे जी रहे हैं. आप सिर्फ दर्शक नहीं हैं, यह आप जानते हैं. आप इसे जी रहे हैं और मैं आपसे कहूंगी कि जो भावनाएं हम इस समय महसूस कर रहे हैं, उन्हें अपने लेखन में उतारिए, उन लोगों को दीजिए जिनके बारे में और जिनके लिए आप लिखते हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि इस दौर ने कई अमेरिकियों को भ्रमित और अस्थिर कर दिया है. कमला ने कहा, “यह उसी बात पर लौटता है कि लोगों की मदद करनी चाहिए ताकि वे जो कुछ महसूस कर रहे हैं, उसे पहचान सकें, भले ही इससे हालात न बदलें. क्योंकि इस समय में बहुत कुछ ऐसा है जो लोगों को पागल महसूस कराने की कोशिश कर रहा है, जबकि असल में, ये लोग ही पागल हैं!” (यहां उन्होंने “these moth**fas are crazy!” कहकर मंच पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिस पर दर्शक तालियों और जयकारों से गूंज उठे. इस मौके पर कमला हैरिस खुद भी मुस्कुराईं और हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी.)

अमेरिका में दौरे पर हैं कमला

पूर्व उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी उस समय आई है जब वह अपने संस्मरण 107 डेज के प्रचार के लिए पूरे अमेरिका का दौरा कर रही हैं. यह किताब उनकी 2024 की असफल राष्ट्रपति चुनाव मुहिम के अनुभवों पर आधारित है. डोनाल्ड ट्रंप ने इलेक्टोरल कॉलेज में कमला हैरिस को 312-226 के अंतर से हराया था. साथ ही लोकप्रिय मतों (popular vote) में भी ट्रंप को 7.7 करोड़ वोट मिले, जबकि कमला हैरिस को 7.5 करोड़ वोट प्राप्त हुए.

हार के बाद क्या महसूस कर रही थीं कमला

2024 के चुनाव की रात के बारे में बोलते हुए कमला हैरिस ने अपनी हार से जुड़ा भावनात्मक दर्द याद किया.  उन्होंने कहा, “मैं कुछ और कह ही नहीं पा रही थी, बस बार-बार कह रही थी, ‘ओह गॉड, ओह गॉड.’ मैंने इस स्तर का दर्द और शोक सिर्फ अपनी मां की मृत्यु के समय महसूस किया था. लेकिन उस रात यह देश के लिए शोक था. मुझे पता था आगे क्या होने वाला है.”

कमला ने की ट्रंप नीतियों की आलोचना

इससे पहले, कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग कर आलोचकों को चुप कराने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे राष्ट्रपति को देख रहे हैं जिसने अपनी और अमीर वर्ग की जेबें भरी हैं, जबकि कामकाजी लोगों पर टैक्स बढ़ा दिए हैं, SNAP और Medicaid जैसी योजनाओं में कटौती की है, विज्ञान की अनदेखी की है, कैंसर के खिलाफ अभियान को समाप्त कर दिया है और अमेरिकी सेना को अमेरिका की सड़कों पर उतार दिया है.”

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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