491 दिनों तक बस खाने की भीख मांगी, इजराइली बंधक ने सुनाई कैसे हमास देता था दर्द

Israeli Hostage Eli Sharabi: हमास द्वारा बंधक बनाए गए एली शरबी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बात कर कैद में बिताए खौफनाक दिनों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि वहां मेरी नर्क से भी बदतर जिंदगी थी.

Israeli Hostage Eli Sharabi: हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजराइल निवासी एली शरबी ने 20 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के साथ बातचीत की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने हमास के कैद में बिताए डरावने अनुभव को साझा किया. इजराइल के निवासी एली शरबी को पिछले वर्ष हमले के दौरान बंधक बनाया गया था. उन्हें इस साल 8 फरवरी के दिन हमास ने रिहा कर दिया.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बात करते हुए बताया कि कैद के दौरान उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा जाता था. उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की जाती थी. साथ ही उनके साथ जितने भी कैदी थे, उन्हें कई-कई दिनों तक कुछ खाने तक नहीं दिया जाता था. हालात इतने भयानक थे कि जब उनकी रिहाई हुई, तब उनका वजन घटकर बस 44 किलो ही रह गया था, जो उनकी छोटी बेटी, जिसे हमास द्वारा पिछले साल मार दिया गया, के वजन से भी कम था.

एली शरबी पूरे 491 दिन हमास के कैद में रहे हैं. हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले के समय उन्हें अन्य 250 लोगों के साथ बंधक बना लिया गया था. इस हमले में 1200 से अधिक लोग मारे गए. मारे गए लोगों में उनकी बेटी और पत्नी भी शामिल थे.

UNSC से क्या कहा एली शरबी ने ?

UNSC से बात करते हुए उन्होंने कहा- मैं अपने देश नर्क से लौटकर आया हूं. हमास में मुझे जानवरों की तरह बांधकर जमीन के नीचे रखा जाता था. वहां मुझे कई-कई दिनों तक भूखा रखा गया, मारा-पिटा गया. मैंने बस 491 दिनों तक खाने की भीख मांगी. हालात इतने बदतर थे कि मुझे शौचालय जाने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता था. कैद के दौरान मेरी जिंदगी बस भीख मांगने में ही रह गई थी.

UNSC से गाजा में कैद 59 बंधकों को बचाने की अपील

एली शरबी ने भावुक होकर UNSC से कहा कि यदि आप सच में मानवता के साथ खड़े हैं तो गाजा में अभी भी 59 बंधक कैद हैं, उन्हें बचाइए. साथ ही उन्होंने UN और रेड क्रॉस पर भी बंधकों के बचाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा- संयुक्त राष्ट्र कहा था और रेड क्रॉस कहां था, जब बंधकों के साथ ऐसा हो रहा था.

इजराइल-गाजा युद्ध

मंगलवार को युद्धविराम समाप्त होने के बाद से इजराइल ने फिर से गाजा पर हमला करना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार से लेकर अब तक करीबन 592 फिलीस्तीनियों की जान इस हमले में जा चुकी है. इजराइल का कहना है कि जब तक हमास द्वारा कैद उनके नागरिकों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक यह परिस्थिती ऐसी ही रहने वाली है.

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लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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