इजरायल ने खत्म कर दी ईरानी सेना की लीडरशिप, 7 बड़े अधिकारी मारे गए

Israel Iran War: इजरायली एयरस्ट्राइक में ईरान के सैन्य अधिकारियों की मौतों की पुष्टि IDF ने की है. सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई और रक्षा मंत्री के अलावा 7 बड़े सैन्य अधिकारियों की भी मृत्यु हो गई है. इनकी फोटोज जारी की गई हैं.

Israel Iran War: इजरायल के हमले में ईरान को भारी नुकसान हुआ है. अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल ने ईरान के ऊपर 200 हवाई जहाजों के द्वारा अटैक किया. इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है. खामेनेई के अलावा ईरान के डिफेंस ऑफिशियल्स की भी बड़ी संख्या में कैजुअल्टी हुई है, जिसमें ईरानी रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पकपूर  शामिल हैं. इजरायली वायुसेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें कथित तौर पर ईरान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व से जुड़े सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए. इनमें अली शमखानी और मोहम्मद पाकपौर शामिल हैं.

एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में इजरायली वायुसेना ने लिखा, ‘आईएएफ के लड़ाकू विमानों ने पूरे ईरान में सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए और ईरानी रक्षा नेतृत्व के 7 वरिष्ठ अधिकारियों- अली शमखानी, मोहम्मद पाकपौर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नसीरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मोजफ्फरी-निया को निष्क्रिय किया. इनके बिना दुनिया एक बेहतर जगह है.’ हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

कौन थे ये अधिकारी?

अली शमखानी- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के पूर्व प्रमुख, ईरानी सेना के पूर्व प्रमुख और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष सलाहकार. इजरायल ने पिछले जून के युद्ध में उन्हें निशाना बनाया था और शुरुआत में माना गया था कि वे मारे गए हैं.

मोहम्मद पाकपौर- IRGC के कमांडर. IDF के अनुसार, पाकपौर ईरान की ‘इजरायल को नष्ट करने की योजना’ का नेतृत्व कर रहे थे. आईडीएफ का कहना है कि वे इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए जिम्मेदार थे, ईरान के प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करते थे, और ‘पिछले महीने आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरानी प्रदर्शनकारियों के हिंसक दमन की प्रभावी कमान’ संभाल रहे थे.

सालह असदी- ईरान के सैन्य आपातकालीन मुख्यालय के खुफिया प्रमुख और ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी. आईडीएफ के मुताबिक, वे भी ईरान की ‘इजरायल को नष्ट करने की योजना’ में शामिल थे.

मोहम्मद शिराजी- 1989 से खामेनेई के सैन्य ब्यूरो के प्रमुख. आईडीएफ के अनुसार, वे ‘सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडरों और सर्वोच्च नेता के बीच संपर्क’ के लिए जिम्मेदार थे और ‘ईरानी आतंकवादी शासन के शीर्ष स्तरों में एक केंद्रीय शख्सियत’ थे.

अजीज नसीरजादेह- ईरान के रक्षा मंत्री; ईरानी वायुसेना के पूर्व प्रमुख और डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ. आईडीएफ का कहना है कि वे ‘लंबी दूरी की मिसाइलों और शासन के प्रॉक्सी समूहों को सौंपे जाने वाले हथियारों के उत्पादन करने वाले उद्योगों’ के लिए जिम्मेदार थे, साथ ही डिफेंसिव इनोवेशन एंड रिसर्च का संगठन (SPND) के भी प्रभारी थे, जिसने परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों के क्षेत्रों में परियोजनाओं को आगे बढ़ाया.

हुसैन जबल-अमेलियन- SPND के अध्यक्ष. आईडीएफ के अनुसार, वे ‘शासन के लिए उन्नत तकनीकों और हथियारों के विकास’ के जिम्मेदार थे और वर्षों तक ‘परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों’ से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाते रहे.

रेजा मोजफ्फरी-निया- SPND के पूर्व अध्यक्ष. आईडीएफ का कहना है कि उन्होंने ‘परमाणु हथियार विकसित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया.’

इजरायल का दावा है कि उसके हमले में ईरान के 40 वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए हैं. आईडीएफ ने एक पोस्ट में कहा, ‘वायुसेना ने कुछ समय पहले एक और लहर में हमले पूरे किए, जिनका लक्ष्य ईरानी आतंकवादी शासन की बैलिस्टिक मिसाइल व्यवस्था और वायु रक्षा प्रणालियां थीं. ये हमले केंद्रीय ईरान के अतिरिक्त क्षेत्रों में किए गए.’ इन हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई. अब तक ईरान में 200 से ज्यादा मौतें हुई हैं. इसमें एक स्कूल भी निशाना बना, जहां 40 लड़कियों की मौत हो गई. शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के संयुक्त मिसाइल हमलों के जवाब में  ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. 

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Published by: Anant Narayan Shukla

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