Iran Khamenei: ईरान के सरकारी-समर्थित प्रसारक प्रेस टीवी की एंकर लाइव प्रसारण के दौरान भावुक हो गई. सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की ‘शहादत’ की घोषणा करते समय उसकी आवाज साफ तौर पर रुक-रुक कर आ रही थी. प्रेस टीवी की ओर से जारी इस फुटेज में चैनल ने इसे ‘शहादत’ बताया. बेहद भावुक एंकर मरियम अजरचेहर ब्रेकिंग न्यूज सुनाते हुए संयम बनाए रखने के लिए संघर्ष करती नजर आई और उसने खामेनेई को ‘इस्लामिक क्रांति का नेता’ कहा. उसने उनकी मौत की खबर को ‘पुष्ट’ बताया. नेटवर्क ने कहा कि खामेनेई की मौत को ईरानी अधिकारियों ने एक ‘हत्या’ के रूप में वर्णित किया है. ईरान के Tasnim News के अनुसार, खामेनेई की मौत रविवार तड़के कार्यस्थल पर हुई.
प्रेस टीवी ने इमाम हुसैन दरगाह (कर्बला) से भी दृश्य प्रसारित किए, जहां तीर्थयात्री घोषणा सुनते ही शोक में डूबते दिखाई दिए. तेहरान में एंगेलाब स्क्वायर पर लोग शोक मनाने के लिए इकट्ठा हुए. प्रसारक के मुताबिक, भीड़ हाथों में तस्वीरें लिए नारे लगाती नजर आई. प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान सरकार ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि ‘इस्लामिक क्रांति के नेता की हत्या का अपराध बिना सज़ा नहीं रहेगा’ और दावा किया कि ‘शहीद नेता का पवित्र रक्त अमेरिका और इजरायल की आपराधिक व्यवस्थाओं को जड़ से उखाड़ फेंकेगा.’ ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि अली खामेनेई की मौत के बाद देश में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है. शिया इस्लाम में मृत्यु के 40वें दिन (अरबईन) का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है.
सर्वोच्च नेता के कार्यालय ने राष्ट्रीय शोक की अवधि की घोषणा की है. इस दौरान झंडे आधे झुके रहेंगे और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी. खामेनेई की मौत इस्लामिक गणराज्य के इतिहास के 37 वर्षों के एक युग का समापन है. यह मौत शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/लायन्स रोअर) में हुई. ठीक 40 दिनों के शोक की घोषणा करके सरकार एक सशक्त सांस्कृतिक प्रतीक का सहारा ले रही है, जिससे धार्मिक नेतृत्व को बंद दरवाजों के पीछे सत्ता परिवर्तन को संभालने का समय मिल सके.
देश भर में उनकी मौत के बाद प्रदर्शन हो रहे हैं. अशांति रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने देशभर में, खासकर तेहरान जैसे बड़े शहरों में, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अयातुल्ला खामेनेई, इस्लामिक क्रांति के संस्थापक रूहोल्लाह खोमैनी के उत्तराधिकारी थे. 1989 से उनका नेतृत्व पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ अडिग प्रतिरोध की कहानी के रूप में देखा गया.
अब खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं. संभावित नामों और ईरान के भविष्य के नेतृत्व पर उनके असर को लेकर अटकलें तेज हैं. हालांकि, युद्धकालीन हालात में बैठक करना कठिन है और सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि गणराज्य का भविष्य किसके हाथ में होगा? धार्मिक नेतृत्व के या रिवोल्यूशनरी गार्ड के.
मौत के बाद शेयर हुईं कुरान की आयतें
राज्य मीडिया उनकी मौत को ‘रक्षक की शहादत’ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है. इसे पराजय नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता के लिए अंतिम बलिदान बताया जा रहा है. अयातुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक अकाउंट से रविवार को एक्स पर उनकी मौत की पुष्टि करते हुए क़ुरआन की एक आयत पोस्ट की गई. एक्स पर पोस्ट की गई आयत सूरह अल-अहजाब (33:23) से थी. इसमें कहा गया है, ‘ईमान वालों में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह से किए गए अपने वचन को सच कर दिखाया; उनमें से कुछ ने अपना वचन निभा दिया (मृत्यु द्वारा), और कुछ अभी प्रतीक्षा में हैं. उन्होंने अपने संकल्प में रत्ती भर भी बदलाव नहीं किया.’
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