ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के बाद ईरान की कमान किसके हाथों में जाएगी?

Khamenei Dead : अमेरिकी-इजरायली हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान में लीडरशिप को लेकर सवाल उठने लगे हैं. खामेनेई की मौत के बात कमान किसके हाथ में सौंपी जा सकती है. इस सवाल का जवाब जानें.

Khamenei Dead : ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए. यह एक ऐसी घटना है जिससे इस्लामिक रिपब्लिक में मौलवियों के शासन की नींव हिल सकती है. करीब तीन दशक से अधिक समय तक खामेनेई ने राजनीतिक व्यवस्था संभाली थी. अचानक आने वाले संकट के लिए ईरान तैयार नहीं था. उत्तराधिकार की प्रक्रिया सिर्फ कागज पर है, लेकिन असली संकट से देश कैसे उबरेगा? यह बड़ा सवाल है.

खामेनेई के बाद ‘सुप्रीम लीडर’ कौन बन सकता है?

रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के संविधान के तहत सुप्रीम लीडर एक धार्मिक विद्वान होना चाहिए, जो ‘विलायत-ए फकीह’ यानी इस्लामिक न्यायविद की देखरेख के सिद्धांत पर आधारित है. इस सिद्धांत के मुताबिक, जब तक शिया मुसलमानों के 12वें इमाम की वापसी नहीं होती (जो 9वीं सदी में गायब हो गए थे), तब तक देश की सत्ता एक सिनियर रिलीजियस स्कॉलर के पास रहनी चाहिए.

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सिस्टम को पहले कभी ऐसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा

खामेनेई और उनके पहले (इस्लामिक रिपब्लिक के फाउंडर अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी के राज में) देश के सभी मामलों में सुप्रीम लीडर का आखिरी फैसला होता था, लेकिन सिस्टम को पहले कभी ऐसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा. खामेनेई ने अक्सर अपने नजदीकी सलाहकारों के जरिए सत्ता को कंट्रोल किया. लेकिन शनिवार के हमलों के बाद यह साफ नहीं है कि उनके कितने वरिष्ठ सलाहकार अब जीवित हैं.

कौन हो सकता है खामेनेई का उत्तराधिकारी

ऐसी संभावना जताई जा रही है कि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के फाउंडर के पोते हसन खोमैनी ईरान के सर्वोच्च नेता बन सकते हैं. दूसरे सीनियर मौलवियों का भी नाम सामने आ रहा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अभी किसी भी शख्स में खामेनेई जैसा पावर नहीं है. कोई भी नया उत्तराधिकारी रिवोल्यूशनरी गार्ड और धार्मिक संस्थाओं जैसी ताकतवर संस्था पर नियंत्रण जमाने में कठिनाई महसूस कर सकता है. 

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Published by: Amitabh Kumar

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