ईरान में सरकारी TV हैक, लाइव शो रोककर चलाया गया शहजादे का वीडियो, सेना से की बगावत की अपील

रविवार को ईरान के सरकारी टीवी चैनल की फीड हैक कर ली गई. उस पर ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का वीडियो मैसेज चलने लगा. इसमें वह सेना से जनता का साथ देने की अपील कर रहे थे. इस 10 मिनट की हैकिंग घटना के दौरान, उन्होंने प्रोटेस्टर्स से सरकार के खिलाफ एक बार फिर सड़कों पर उतरने की मांग की.

ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क पर रविवार को अचानक कुछ अलग ही चलने लगा. कुछ एंटी-गवर्नमेंट एक्टिविस्ट्स ने चैनल के ब्रॉडकास्ट को हैक कर लिया. यह सब कुछ मिनटों तक चला, जिससे पूरे देश में लोग हैरान रह गए. लोकल्स ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह गड़बड़ी उन चैनल्स पर हुई जो ‘बदर’ सैटेलाइट के जरिए चलते हैं.

TV पर दिखे विरोध के मैसेज और शहजादे का वीडियो

जब टीवी हैक हुआ, तब उस पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के मैसेज दिखाई दिए. इसके साथ ही, ईरान के शहजादे (प्रिंस) रजा पहलवी (जो फिलहाल देश से बाहर हैं) का एक वीडियो मैसेज भी चलाया गया. इस वीडियो में पहलवी लोगों से सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील कर रहे थे. हालांकि, अभी तक इस वीडियो के असली होने की पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है.

सुरक्षा बलों से की गई खास अपील

रात करीब 9:30 बजे हुए इस हैक के दौरान फारसी भाषा में मैसेज दिखाए गए. इनमें लोगों से विरोध जारी रखने को कहा गया. वीडियो में दुनिया भर में ईरान के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों की क्लिप्स भी दिखाई गईं. सबसे खास बात यह थी कि शहजादे पहलवी ने ईरान की सेना और सुरक्षा बलों से अपील की कि वे सरकार का साथ देने के बजाय आम जनता के साथ खड़े हों.

फिर से सड़कों पर उतरने की तैयारी

इजरायली मीडिया के मुताबिक, यह हैकिंग करीब 10 मिनट तक चली. यह सब तब हुआ जब पहलवी ने हाल ही में लोगों से दोबारा सड़कों पर उतरने को कहा था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा था कि लोग अपनी आवाज उठाएं, क्योंकि पूरी दुनिया उनकी हिम्मत देख रही है और जल्द ही उन्हें और भी ज्यादा सपोर्ट मिलेगा.

मौतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे

ईरान में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों में मौतों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. पहलवी के अनुसार, अब तक 12,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि सरकारी आंकड़े इससे बहुत कम हैं. रॉयटर्स के एक और रिपोर्ट के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि देश में अब तक करीब 5,000 लोग मारे जा चुके हैं. पहलवी ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनों को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रही है. दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी तरह की हिंसा के लिए बाहरी ताकतों और विरोधी गुटों को जिम्मेदार मानते हैं.

देश में फिलहाल कैसा है माहौल?

यह विरोध प्रदर्शन पिछले साल 28 दिसंबर को शुरू हुए थे और देखते ही देखते पूरे ईरान में फैल गए. हालांकि, भारी सुरक्षा बल तैनात होने की वजह से कई जगहों पर सड़कों से भीड़ कम हुई है, लेकिन लोगों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है. अब तक ईरानी अधिकारियों ने इस हैकिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही यह बताया है कि आगे इसे रोकने के लिए क्या किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Govind jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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