US में अब 2 साल की बच्ची को हिरासत में लिया, पहले 5 वर्षीय बच्चे को उठाया था; मचा बवाल, इतना क्रूर क्यों है ट्रंप का ICE?

US ICE: अमेरिका में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंट्स ने 2 साल की बच्ची को हिरासत में ले लिया. बच्ची को उस समय पकड़ा गया, जब वह अपने पिता के साथ थी. मामला सामने आने के बाद कोर्ट ने बच्ची को तुरंत छोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे टेक्सास भेज दिया गया.

US ICE: अमेरिका के मिनियापोलिस में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारियों ने एक 2 साल की बच्ची को उसके पिता के साथ हिरासत में ले लिया. सिटी काउंसिल सदस्य जेसन चावेज के मुताबिक, गुरुवार को एल्विस जोएल टिपान-एचेवरिया अपनी दो साल की बेटी क्लोए के साथ दक्षिण मिनियापोलिस में किराने का सामान लेकर घर लौट रहे थे. तभी इमिग्रेशन एजेंटों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया. इस घटना के बाद स्थानीय नेताओं और समुदाय के लोगों में काफी नाराजगी है. इससे पहले ICE ने 5 साल के बच्चे को ‘चारे’ की तरह इस्तेमाल करके उसके पिता को हिरासत में लिया था. यह घटना भी मिनिसोटा के मिनियापोलिस में ही हुई थी. 

NBC न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने बताया कि गुरुवार को बच्ची अपने पिता के साथ थी जब उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके बाद, उन्हें उन्हें साउथ मिनियापोलिस ले जाया गया. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने बच्ची को तुरंत छोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे टेक्सास भेज दिया गया. परिवार की वकील किरा केली ने बाद में बताया कि अब बच्ची रिहा हो चुकी है और उस डरावने अनुभव से उबरने की कोशिश कर रही है.

DHS क्या बोला?

मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के सदस्य जेसन चावेज ने दावा किया कि एक संदिग्ध गाड़ी ने उनका पीछा किया, कार की खिड़की तोड़ी गई और बिना कोई वारंट दिखाए उन्हें पकड़ लिया गया. वहीं, दूसरी तरफ DHS का कहना है कि पिता लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे. वह इक्वाडोर के नागरिक हैं, जो पहले डिपोर्ट किए जा चुके थे. DHS ने कहा कि वह गैरकानूनी तरीके से दोबारा अमेरिका आए थे.

एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कानूनी आदेश मानने से इनकार किया और कार का दरवाजा नहीं खोला. DHS का यह भी कहना है कि उन्होंने बच्ची को उसकी मां को सौंपने की कोशिश की, लेकिन मां ने लेने से मना कर दिया. बाद में पिता और बच्ची को एक फेडरल सेंटर में मिलाया गया.

गुस्से में अमेरिकी जनता

इस दौरान करीब 120 लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. भीड़ ने ICE एजेंटों को घेर लिया और उन पर पत्थर व कूड़ेदान फेंके. हालात संभालने के लिए अधिकारियों को भीड़ नियंत्रित करने के उपाय करने पड़े. हाल के हफ्तों में ICE द्वारा हिरासत में ली गई यह पांचवीं बच्ची है. इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियों को लेकर विवाद और बढ़ गया है.

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5 साल के बच्चे का मामला

मिनेसोटा में ही एक और घटना सामने आई. एक 5 साल के बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को उसके पिता के साथ हिरासत में लेकर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेजा गया. स्कूल अधिकारियों और परिवार के वकील ने यह जानकारी दी थी. कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल्स की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक के अनुसार, फेडरल एजेंटों ने बच्चे को घर के बाहर खड़ी कार से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंटों ने बच्चे से घर का दरवाजा खटखटाने को कहा, मानो उसे “चारे” की तरह इस्तेमाल किया गया हो.

वहीं, DHS ने इन आरोपों से इनकार किया. प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने कहा कि ICE किसी बच्चे को निशाना नहीं बना रही थी, बल्कि उसके पिता को गिरफ्तार करने गई थी, जो कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा था. उनके मुताबिक पिता भागने की कोशिश में बच्चे को वहीं छोड़ गया.
उन्होंने कहा कि एजेंट बच्चे के साथ उसकी सुरक्षा के लिए रुके रहे.

DHS का कहना है कि ऐसे मामलों में माता-पिता को यह विकल्प दिया जाता है कि वे बच्चों के साथ अपने देश लौटें या बच्चों को किसी भरोसेमंद व्यक्ति के पास छोड़ दें. इन घटनाओं के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान छोटे बच्चों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है और क्या नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है.

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ऑपरेशन मेट्रो सर्ज क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ चला रहे हैं. उन्होंने पहले ही देश में अवैध इमिग्रेशन को रोकने के लिए कई देशों पर वीजा संबंधी कठोरता की है. ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ ICE और CBP द्वारा चलाया जा रहा एक बड़ा इमिग्रेशन अभियान है, जो दिसंबर 2025 से शुरू हुआ. इस पर हर हफ्ते लगभग 18 मिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं. यह अभियान खास तौर पर मिनेसोटा, विशेषकर मिनियापोलिस-सेंट पॉल इलाके में चल रहा है. जनवरी 2026 तक इसमें करीब 3,000 फेडरल एजेंट तैनात किए गए हैं. इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी संघीय कानून प्रवर्तन कार्रवाइयों में से एक बताया जा रहा है.

दो हत्याओं के बाद, गवर्नर ने ऑपरेशन बंद करने की मांग की

इस कार्रवाई में अब तक  ICE ने बड़ी कठोरता दिखाई है. इसी मामलों में एक महिला रेने गुड को 7 जनवरी को गोली मार दी गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. शनिवार को एक और मामला सामने आया, जिसमें एक 51 साल के शख्स को गोली मार दी गई. इस घटना के बाद मिनिसोटा के गवर्नर टिम वाल्ट्ज ने ICE के रवैये पर दुख जताया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस अभियान को तुरंत खत्म करने की मांग की है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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