पीस डील के लिए पहली बार एक साथ मिले US-रूस-यूक्रेन, अबूधाबी में क्या हुआ? 1 फरवरी को फिर मिलेंगे तीनों देश

यूक्रेन और रूस के बीच चार साल से जारी जंग को खत्म करने की कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं. अमेरिका की मध्यस्थता में UAE में हुई बातचीत के बाद 1 फरवरी को अगला दौर तय हुआ है. हालांकि बातचीत के साथ जारी हमलों ने शांति की राह को अब भी मुश्किल बनाए रखा है.

यूक्रेन और रूस ने लगभग चार साल से चल रही जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता (मेडिएशन) में बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है. शनिवार को अबू धाबी में दो दिन चली बैठक के बाद तय हुआ कि तीनों देश यूक्रेन, रूस और अमेरिका 1 फरवरी को UAE में फिर से मिलेंगे. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सभी पक्षों का एक साथ बैठना खुद में एक बड़ा कदम है और बातचीत के कई अहम बिंदुओं पर अब तक प्रगति हुई है.

इस्तांबुल के बाद पहली आमने-सामने की बैठक

एएफपी के मुताबिक, रूस और यूक्रेन के रिप्रेजेंटेटिव पिछली बार पिछले साल इस्तांबुल में आमने-सामने मिले थे, लेकिन तब सिर्फ कैदियों की अदला-बदली पर ही बात बन पाई थी. इस बार पहली बार दोनों देश उस शांति योजना पर सीधे चर्चा कर रहे हैं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगे बढ़ा रहे हैं.

जेलेंस्की बोले- बातचीत पॉजिटिव रही

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और माहौल क्रिएटिव रहा. उनके मुताबिक, बातचीत का मुख्य फोकस युद्ध को खत्म करने के तरीकों और शर्तों पर रहा.

बातचीत के बीच रूस के हमले, यूक्रेन नाराज

हालांकि बातचीत के बीच ही हालात बिगड़ गए. दूसरे दिन से पहले रात में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने यूक्रेन के कई इलाकों में बिजली काट दी. एएफपी के पत्रकारों ने कीव में रात के समय धमाकों के बीच लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर भागते देखा. यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस ने हमले करके बातचीत की प्रोसेस को कमजोर किया.

ये भी पढ़ें: ट्रंप की ‘अर्माडा’ Vs चीन की टेक्नीक: ईरान ने तैयार किया प्लान; क्या ड्रैगन के दम पर अमेरिका को चुनौती देंगे खामेनेई?

सर्दी में बिजली और हीटिंग संकट

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, कीव और चेर्निहिव में 10 लाख से ज्यादा लोग बिना बिजली के रह गए, जबकि कीव के करीब आधे अपार्टमेंट्स में हीटिंग बंद हो गई. 48 साल की इरीना बेरेहोवा ने एएफपी से कहा कि हर रात वही धमाके, वही डर. बच्चों की चिंता और नींद की कमी बहुत थका देने वाली है. इन बातचीत से भी हमें कोई उम्मीद नहीं दिख रही.

UAE बोला- माहौल पॉजिटिव रहा

UAE सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि बैठकें पॉजिटिव और क्रिएटिव माहौल में हुईं. इन बैठकों में दोनों देशों के टॉप सैन्य अधिकारी शामिल थे और चर्चा अमेरिका की शांति योजना के अधूरे बिंदुओं और भरोसा बढ़ाने वाले कदमों पर हुई.

डोनबास इलाका बना सबसे बड़ा अड़ंगा

यूक्रेन और रूस दोनों मानते हैं कि पूर्वी डोनबास क्षेत्र का फ्यूचर सबसे बड़ा विवाद है. रूस चाहता है कि यूक्रेन इस इलाके से अपनी सेना हटा ले, जबकि कीव इसे मानने को तैयार नहीं है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि अगर बातचीत नाकाम रही तो रूस ताकत के दम पर पूरा पूर्वी यूक्रेन अपने कब्जे में लेने की कोशिश करेगा.

ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात और क्रेमलिन की सख्ती

ट्रंप और जेलेंस्की की दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुलाकात हुई थी. इसके बाद अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ ने मॉस्को में पुतिन से बातचीत की. क्रेमलिन ने साफ कहा कि डोनबास से यूक्रेनी सेना की वापसी उसकी बहुत अहम शर्त है.

वहीं यूरोपीय यूनियन ने रूस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर आम नागरिकों को ठंड में बिना बिजली और हीटिंग के छोड़ रहा है. EU ने यूक्रेन को सैकड़ों पावर जनरेटर भेजे हैं. वहीं जेलेंस्की ने एनर्जी संकट को देखते हुए आपात स्थिति घोषित कर दी है.

हालांकि कूटनीति फिर से तेज हुई है, लेकिन जमीन के बंटवारे और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर रूस और यूक्रेन अब भी आमने-सामने हैं. पहले अमेरिकी ड्राफ्ट को यूक्रेन और यूरोप ने रूस के पक्ष में झुका हुआ बताया था, जबकि बाद के प्रस्तावों को रूस ने इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि उनमें यूरोपीय शांति सैनिकों की बात थी.

ये भी पढ़ें: ईरान न्यूक्लियर हथियार कभी नहीं चाहता; यह हराम… बोले खामेनेई के प्रतिनिधि, दुनिया के ‘दोगले रवैये’ पर भड़के, चाबहार पर क्या कहा?

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >