ट्रंप ने 10 अमेरिकी स्टेट में इमरजेंसी की मंजूरी दी, 12,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आधा US बर्फीले तूफान से प्रभावित

US Winter Storm: अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर देखने को मिल रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिचुएशन की गंभीरता को देखते हुए, 10 राज्यों में आपातकाल लगाने की मंजूररी दे दी है. इससे पहले वह कुछ और स्टेट्स में इसकी इजाजत दे चुके थे. आइये जानते हैं कि इस तूफान ने अमेरिका में कितना असर डाला है.

US Winter Storm: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बताया कि उन्होंने बर्फीले तूफानों से जूझ रहे 10 राज्यों के लिए आपातकालीन घोषणाओं को मंजूरी दे दी है. ट्रंप ने कहा कि फेडेरल गवर्नमेंट, FEMA, गवर्नर्स और डिजास्टर मैनेजमेंट टीमों के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. तूफान का एरिया इतना बड़ा है कि देश के बड़े हिस्से में भारी बर्फबारी, कई दिनों तक बिजली गुल रहने और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक ठप होने का खतरा पैदा हो गया है.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलाइना, मैरीलैंड, आर्कान्सस, केंटकी, लुइसियाना, मिसिसिपी, इंडियाना और वेस्ट वर्जीनिया के लिए इमरजेंसी को मंजूरी दी गई है. उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने व गर्म रहने की अपील की. इससे पहले भी वे तूफान के रास्ते में आने वाले कुछ और राज्यों, जैसे साउथ कैरोलाइना और वर्जीनिया, के लिए आपातकालीन घोषणाओं को मंजूरी दे चुके थे. ऐसी घोषणाओं से राज्यों को खर्च से जुड़े नियमों में अस्थायी छूट मिलती है, जिससे वे तेजी से संसाधन जुटा सकें और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार (फेडरल गवर्नमेंट) से मदद मांग सकें. 

इस तूफान से करीब 14 करोड़ लोग, यानी अमेरिका की आबादी का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में है. अब तक कम से कम 20 राज्यों ने अपने स्तर पर आपातकाल घोषित कर दिया है. इस तूफान से हवाई यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, शनिवार और रविवार को मिलाकर 12,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं. डलास-फोर्ट वर्थ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं, जबकि शिकागो, अटलांटा, नैशविल और शार्लोट जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भी भारी व्यवधान देखा गया.

किन जगहों पर क्या-क्या खतरा?

नेशनल वेदर सर्विस ने पूर्वी टेक्सास से नॉर्थ कैरोलाइना तक भारी बर्फबारी और खतरनाक बर्फ जमने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में सड़कों पर बर्फ की परत जमने से हालात और मुश्किल हो गए हैं. लुइसियाना जैसे राज्यों में हालात गंभीर हैं, जहां हजारों घरों और कारोबारों की बिजली चली गई. पावर ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, वहां करीब 50,000 लोग बिना बिजली के रहे. दक्षिणी राज्यों में टीमें बिजली बहाल करने में लगी हैं, जबकि पूर्वी हिस्सों में अधिकारी लोगों को आखिरी चेतावनियां जारी कर रहे हैं कि बेवजह बाहर न निकलें.

  • मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तूफान को खतरनाक बनाने वाली बात सिर्फ बर्फ नहीं, बल्कि इसके बाद आने वाली जबरदस्त ठंड है. तापमान तेजी से नीचे जाएगा और जमी हुई बर्फ कई दिनों तक नहीं पिघलेगी, जिससे राहत और मरम्मत के काम में दिक्कतें आएंगी. मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिणी इलाकों से गुजरने के बाद तूफान उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा. 
  • वॉशिंगटन डीसी से लेकर न्यूयॉर्क और बोस्टन तक 30 से 60 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है. न्यूयॉर्क के उत्तरी हिस्सों और लुईस काउंटी जैसे ग्रामीण इलाकों में पहले ही तापमान शून्य से 34 डिग्री सेल्सियस नीचे तक दर्ज किया गया है. अधिकारियों की सलाह है कि लोग घरों में रहें, जरूरी सामान पहले से जुटा लें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें.
  • ओकलाहोमा में भी बर्फ और ओले गिरने का सिलसिला जारी है. तूफान को देखते हुए एक दर्जन से ज्यादा राज्यों के गवर्नरों ने चेतावनी जारी की है, कुछ ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है. टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा है कि सड़क विभाग लगातार बर्फ हटाने में जुटा है, लेकिन लोगों को जितना हो सके घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
  • फोर्ट वर्थ स्थित राष्ट्रीय मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि उत्तरी टेक्सास में रात भर बर्फबारी होती रही. विभाग ने सोशल मीडिया पर लोगों को आगाह किया कि बेहद ठंडी हवाएं चल रही हैं और यह स्थिति सोमवार तक बनी रह सकती है. अगले कुछ दिनों तक रात का तापमान ज्यादातर एक अंक में रहेगा, जबकि तेज हवाओं की वजह से ठंड शून्य से 24 डिग्री सेल्सियस नीचे तक महसूस हो सकती है.

हालात से निपटने के लिए क्या तैयारी है?

हालात से निपटने के लिए फेडेरल गवर्नमेंट ने लगभग 30 खोज और बचाव दल तैयार रखे हैं. फेडेरल इमरजेंसी मैनेजमेट एजेंसी (FEMA) ने प्रभावित इलाकों में 70 लाख से ज्यादा भोजन पैकेट, छह लाख कंबल और 300 जनरेटर पहले से पहुंचा दिए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि उनका प्रशासन राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हालात पर नजर रखे हुए है और हर जरूरी मदद दी जा रही है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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