जिससे लड़ रहा अमेरिका, भारत ने वहां भेजी 2.7 टन लाइफ सेविंग वैक्सीन, रूस के दोस्त के यहां इंडिया का खेल

India Vaccine diplomacy Venezuela: भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बताया कि ग्लोबल साउथ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारत ने वेनेजुएला को लगभग 2.7 टन जीवन रक्षक वैक्सीन की खेप भेजी है. वेनेजुएला पर इन दिनों अमेरिका की ओर से काफी हमले हो रहे हैं, इसके बाद उसने रूस से अपनी दोस्ती और बढ़ा दी है.

India Vaccine diplomacy Venezuela: वेनेजुएला पर इस समय अमेरिका की नजरें टेढ़ी हुई हैं. ड्रग कार्टेल के जरिए अमेरिका में नशीले पदार्थ भेजने के आरोप में ट्रंप की सेना ने वेनेजुएला के नावों पर हमला किया. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. ट्रंप ने अमेरिका में अपनी सेना भेजने की भी बात की थी, हालांकि बाद में अमेरिका इससे पलट गया. दुनिया में सबसे ज्यादा तेल संपदा वाले इस दक्षिण अमेरिकी देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने संघर्ष के बीच रूस से अपनी बातचीत बढ़ा दी. इसी बीच ग्लोबल साउथ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारत ने वेनेजुएला को लगभग 2.7 टन जीवन रक्षक वैक्सीन की खेप भेजी है.

विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को यह जानकारी दी. फॉरेन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वैश्विक स्वास्थ्य का समर्थन करते हुए. ग्लोबल साउथ देशों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के तहत लगभग 2.7 टन जीवन रक्षक वैक्सीन की खेप वेनेजुएला के लोगों के लिए रवाना की गई है.” यह मानवीय सहायता (Humanitarian Assistance) भारत के विकासशील देशों को स्वास्थ्य साझेदारी और साउथ-साउथ सहयोग (South-South Cooperation) के माध्यम से समर्थन देने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है. ये वैक्सीन वेनेजुएला की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेंगी और जरूरतमंद हजारों लोगों को लाभ पहुंचाएंगी.

बढ़ रहे भारत और वेनेजुएला के बीच संबंध

भारत और वेनेजुएला के बीच पिछले छह दशकों से गर्मजोशीपूर्ण और मित्रतापूर्ण संबंध बने हुए हैं. दोनों देशों ने वर्ष 2023 में राजनयिक संबंधों की 64वीं वर्षगांठ मनाई थी. कराकस (Caracas) और नई दिल्ली में दोनों देशों के दूतावास चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय हैं. द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को विदेश मंत्रालय ने दर्शाते हुए पहले कहा था, “भारत और वेनेजुएला हमेशा से सौहार्दपूर्ण संबंधों का आनंद लेते रहे हैं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण साझा करते हैं. द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के अलावा, दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग करते हैं.”

व्यापार बढ़ोतरी में जुटे दोनों देश

वेनेजुएला भारत के मुख्य तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक बनकर उभरा है, जबकि भारत वहां फार्मास्यूटिकल उत्पाद, मशीनरी, विद्युत उपकरण और वस्त्र निर्यात करता है. फरवरी 2025 में, दोनों देशों ने डिजिटल सहयोग (Digital Cooperation) पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए भारत के सफल डिजिटल समाधानों को साझा करने पर सहमति बनी. वेनेजुएला में भारत की प्रवासी जनसंख्या बहुत ज्यादा नहीं है. वर्तमान में वेनेजुएला में लगभग 50 गैर-निवासी भारतीय (NRIs) और 30 भारतीय मूल के व्यक्ति (PIOs) रह रहे हैं.

वेनेजुएला को क्या भेजता है भारत?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत, वेनेजुएला को मुख्य रूप से खनिज ईंधन और तेल तथा उनके आसवन उत्पाद, बिटुमिनस पदार्थ, फार्मास्यूटिकल उत्पाद, कपास, न्यूक्लियर रिएक्टर, बॉयलर, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, विद्युत मशीनें और उपकरण, साउंस रिकॉर्डर और टेलीविजन रिकॉर्डर, परिधान और वस्त्र सामग्री, तथा विभिन्न रासायनिक उत्पाद निर्यात करता है. 

वेनेजुएला से क्या लेता है भारत?

भारत, वेनेजुएला से खनिज ईंधन और तेल तथा उनके आसवन उत्पाद, बिटुमिनस पदार्थ, खनिज मोम, लौह और इस्पात, एल्यूमिनियम, खाद्य सब्जियां और जड़ें-गांठें, तांबा और उससे बने उत्पाद, सीसा, जिंक और उनके उत्पाद, लकड़ी और लकड़ी से बनी वस्तुएं, विद्युत मशीनें और उपकरण, ध्वनि रिकॉर्डर, टेलीविजन उपकरण, कच्ची खाल, चमड़ा, बॉयलर, यांत्रिक उपकरण, खाद्य फल और मेवे, प्लास्टिक, जैविक रसायन और अन्य रासायनिक उत्पाद, तथा लोहे या इस्पात से बनी वस्तुएं आयात करता है. 

संघर्ष का स्थान बन चुका है वेनेजुएला

वेनेजुएला इन दिनों संघर्ष का स्थान भी बनता जा रहा है. बीते दिनों उसके विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 के शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. उन्होंने इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया था. जबकि वेनेजुएला ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नोबेल पुरस्कार को राजनीति से प्रेरित बताया था. इसके बाद उसने नॉर्वे और ऑस्ट्रेलिया में अपने दूतावास बंद करने की घोषणा की थी. अमेरिका की वेनेजुएला पर हमले की कार्रवाई, उसकी रूस से बढ़ती नजदीकी और ऊर्जा संसाधनों के अथाह भंडारों के निर्यात योजना के बाद हुई है. 

दक्षिण अमेरिका की मजबूत सैन्य ताकत बना वेनेजुएला

हाल ही में रूस ने मादुरो सरकार को पैंट्सिर-एस1 और बुक-एम2ई एयर डिफेंस सिस्टम्स की डिलीवरी की है. इसके साथ ही रूस अब वेनेजुएला को घातक ओरेश्निक मिसाइल सिस्टम देने की भी तैयारी कर रहा है. यह ऐसी मिसाइल है, जिसमें न्यूक्लियर वॉर हेड लगाए जा सकते हैं. वेनेजुएला के पास SU-30एमके2 जेट फाइटर्स, S-300वीएम, पंतसीर-एस1 और बक-एम2ई सिस्टम हैं, जिसकी वजह से वह दक्षिण अमेरिका में एक ताकतवर देश है. जिस तरह से रूस उसकी सहायता कर रहा है, आने वाले समय में यह अमेरिका के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है, जो 1962 के क्यूबा संकट की तरह भी हो सकता है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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